आष्टा जिला सीहोर मध्य प्रदेश से राजीव गुप्ता की रिपोर्ट

आष्टा– दिगम्बर जैन राष्ट्र सन्त आचार्य भगवन श्री विद्यासागर जी महा मुनिराज का आज प्रातः काल की बेला में छत्तीसगढ़ के चन्द्रगिरि डोंगरगढ़ में समाधि मरण हो गया ,समाचार नगर में प्राप्त होते ही शोक कि लहर दौड़ गई,उसी प्रकार श्री श्वेताम्बर जैन समाज के युगपुरूष गच्छाधिपति परम् पूज्य दौलत सागर महाराज का देवलोकगमन हो गया।ज्ञात रहे दोनों पूज्य श्री महाराज का आष्टा से विशेष संबंध रहा है।

इस अवसर पर सकल हिन्दू समाज के अध्यक्ष अनिल श्रीवास्तव ने कहा कि संत महा पुरुषों का सानिध्य हमे महान पूण्य से इस भारत की धरती पर मिला है,उनके कहे गए मार्ग पर हम सभी को अनुशरण कर अपने जीवन को धन्य करना चाहिए।

संयोजक सुरेश सुराणा ने कहा कि आज भारत की इस धरती से दो दो महान साधु गणों का जाना सकल सनातन समाज की बहुत बड़ी क्षति है जो हम कभी पूरी नही कर सकते,दोनो महान साधुगणों के विरह से समाज मे दुख व्याप्त है,सकल हिन्दू समाज के समस्त सदस्य गणों ने

एक श्रधांजलि सभा रख कर आचार्य गणों को विनम्र श्रद्धांजलि समर्पित की,सभा मे मुख्य रूप से सकल हिन्दू समाज के अध्यक्ष अनिल श्रीवास्तव संयोजक सुरेश सुराणा,मनीष डोंगरे,आनंद जैन पोरवाल,मुकेश नामदेव,महेश जाट, पवन सुराना, ओम पुरी, राजीव गुप्ता, निर्मल बैरागी आदि जन उपस्थित थे।

