रिपोर्ट राजीव गुप्ता आष्टा जिला सीहोर एमपी

आष्टा…श्रुत पंचमी महा पर्व पूर्ण भक्ति भाव के साथ मनाया गया नगर के पार्श्वनाथ दिगम्बर जैन किला मंदिर,श्री चन्द्रप्रभु चैत्यालय नजर गंज, श्री नेमिनाथ जिन मंदिर साईं कॉलोनी में जिनवाणी को वस्त्र में रखकर रजत विमान में विराजमान कर जय जय कारो के साथ शोभायात्रा निकाली गई ओर सामहिक रूप से जिनवाणी की पूजन कर श्रुत पंचमी के महत्व को बताया गया।

इस अवसर पर सेकड़ो की संख्या में श्रावक गण एवं माताओ बहनों ने लाभ लिया इस दिन जैन परंपरा का प्रथम ग्रंथ षट्खण्डागम को लिपिबद्ध किया गया था, इसके पूर्व ज्ञान को कंठ में रखने की परंपरा थी। श्रुत पंचमी के दिन जैन धर्मावलंबी मंदिरों में प्राकृत, संस्कृत, प्राचीन भाषाओं में हस्तलिखित प्राचीन मूल शास्त्रों को शास्त्र भंडार से बाहर निकालकर, शास्त्र-भंडारों की साफ-सफाई करके।

प्राचीनतम शास्त्रों की सुरक्षा की दृष्टि से उन्हें नए वस्त्रों में लपेटकर सुरक्षित किया जाता है तथा इन ग्रंथों को भगवान की वेदी के समीप विराजमान करके उनकी पूजा-अर्चना करते हैं, क्योंकि इसी दिन जैन शास्त्र लिखकर उनकी पूजा की गई थी, क्योंकि उससे पहले जैन ज्ञान मौखिक रूप में आचार्य परंपरा से चल रहा था। उसी परम्परा को आगे बढ़ाते हुए आज पर्व को भव्य रूप से मनाया गया।


