रिपोर्ट राजीव गुप्ता आष्टा जिला सीहोर एमपी

आष्टा – अपनी ओजस्वी और सटीक देशना से धर्म और संस्कृति के वास्तविक स्वरूप के प्रणेता प्रामाणिक संत तथा आचार्य विद्यासागर महाराज के शिष्य मुनि प्रमाण सागर जी महाराज मुनि निर्वेगसागर जी महाराज तथा मुनि सन्धानसागरजी का शनिवार को नगर में मंगल प्रवेश हुआ ।

पूर्व नपाध्यक्ष कैलाश परमार ने साथियों सहित ग्राम किलेरामा में मुनि श्री का पाद प्रक्षालन किया ।आचार्य गुरुवर विद्यासागर के शिष्य मुनि प्रमाण सागरजी का संघ सहित इंदौर की ओर पद विहार चल रहा है । जहां उनका वर्षाकालीन चातुर्मास होगा । मुनि संघ के विहार का लाभ विहार पथ में पढ़ने वाले नगर और ग्राम वासियों को भी मिल रहा है । जैन संतों की कठोर तपस्या , आहारचर्या और त्याग व्रत से सधी कठिन जीवन शैली सभी जैन जैनेतर श्रावकों को आश्चर्य चकित कर देती है । मुनि महाराज के प्रवचन और उनके आहार विहार का लाभ नगरवासियों को भी भरपूर मिल रहा है ।

मुनि श्री प्रमाण सागर जी का शंका समाधान कार्यक्रम अत्यंत लोकप्रिय है जिसमे वो धर्म समाज संस्कृति लोकव्यवहार और जीवन से जुड़े प्रश्नों का समाधान करते हैंऐसे मुनि महाराज के ससंघ आगमन पर नगर में हर्ष का माहौल है ।

जैन साधुगण के पाद प्रक्षालन के बाद दिगम्बर जैन मंदिर किला में जैन समाज के अध्यक्ष आनंद पोरवाल, संरक्षक दिलीप सेठी, धनरूप मल जैन महामंत्री कैलाश चित्रलोक के साथ पूर्व नपाध्यक्ष कैलाश परमार ने धर्म सभा मे आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज का चित्र अनावरण कर मुनि संघ को श्रीफल भेंट कर आशीर्वाद लिया ।

मुनि श्री के चरण प्रक्षालन का लाभ जिला कांग्रेस उपाध्यक्ष प्रदीप प्रगति, समाजसेवी अजित जैन आस्था, दिगम्बर जैन समाज के पूर्वाध्यक्ष यतेंद्र श्री मोड़, मधुसूदन परमार, श्री राम परमार, लक्ष्मीनारायण परमार, एडवोकेट सुरेंद्र परमार, वीरेंद्र परमार, लोकेंद्र परमार ने भी लिया।

