रिपोर्ट राजीव गुप्ता आष्टा जिला सीहोर एमपी

‘बच्चे मन के सच्चे’ !भारत भूमि विभिन्न त्योहार उत्सवों व उच्च सांस्कृतिक मूल्यों से परिपूर्ण रही है, यह सभी हमारी सभ्यता को और अधिक बल प्रदान करते हैं। बच्चों में उनकी समझ व योग्यताओं को परिपूर्ण करने हेतु संबंधित आयोजन स्कूल में होते रहते हैं ।

इसी संदर्भ स्थानीय टैलेंट इनोवेटिव हायर सेकेंडरी स्कूल आष्टा में दो दिवसीय बच्चों के बाल दिवस को उत्साह पूर्वक मनाया गया ।कार्यक्रम में नर्सरी कक्षा के नौनिहालों के द्वारा दीप प्रज्वलन करवाकर कार्यक्रम की शुरुआत कर मां सरस्वती और देश के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के चित्र पर माल्यार्पण किया गया।

इस आयोजन में विद्यार्थियों ने अनेकों प्रकार के स्वादिष्ट व्यंजनों के स्टाल लगाए जिनका उपस्थित सभी जिन्होंने भरपूर आनंद लिया साथ ही बच्चों के द्वारा रंग बिरंगी छटा बिखेरती लुभावनी रंगोली बनाकर कैंपस को पूरी तरह सजा दिया ,विभिन्न कक्षा के छात्र-छात्राओं ने अनेक मनोहारी नृत्य व सांस्कृतिक कार्यक्रमों से माहौल को उत्सवी आनंदित बना दिया ।

,इन सभी आयोजन के अतिरिक्त अनेक विद्यार्थियों ने सुंदर आकर्षक मॉडल प्रदर्शनी के माध्यम से प्रस्तुत किए जिन्हें देखकर उपस्थित जनों ने उनकी भरपूर सराहना की। इसके एक दिन पूर्व कहानी सुनाओ, मोनो एक्टिंग,भाषण प्रतियोगिता एवं फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता के आयोजन में विद्यार्थियों ने उत्साह पूर्वक भाग लिया तत्पश्चात बच्चों ने स्टाफ सहित नगर में चल रहे सूर्या सर्कस का आनंद भी लिया।संस्था के प्राचार्य सुदीप जायसवाल ने बाल दिवस का महत्व बताते हुए कहा कि इस अवसर के आयोजनों से बच्चों में दुकानों के माध्यम से लेन-देन व जीवन को जीने की समझ को सीखने का मौका मिलता है एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों एवं प्रतियोगिताओं से उन्हें अपने प्रतिभाओं को निखारने का अवसर प्राप्त होता है जो आगे चलकर सार्थक रंग लाते हैं। इस अवसर पर विद्यार्थियों समस्त शिक्षक स्टाफ अभिभावकगण,गणमान्य नागरिक भी उपस्थित रहे।कार्यक्रम के अंत मे स्टाल के विजेताओं की घोषणा भी की गई।मंच का संचालन कक्षा ग्यारहवीं के विद्यार्थियों ने सम्मिलित रूप से किया संस्था के पवन मेवाड़ा सर ने सभी को सहयोग के लिए धन्यवाद किया एवं अंत में गणेश दुबे सर ने सभी के प्रति आभार प्रकट किया।

छात्र-छात्राओं ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों और मनोहारी नृत्यों की प्रस्तुतियों से माहौल को उत्सवी और आनंदित बना दिया। इसके अलावा, विभिन्न प्रतियोगिताओं में बच्चों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया, जिससे उनकी रचनात्मकता और आत्मविश्वास उजागर हुआ।

कार्यक्रम में बच्चों के उत्साह और रचनात्मकता को सराहते हुए स्कूल प्रबंधन ने कहा कि इस तरह के आयोजन बच्चों के मानसिक और सामाजिक विकास में सहायक होते हैं। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में विद्यार्थियों, अभिभावकों और शिक्षकों की उपस्थिति रही।

