जैन श्वेताम्बर समाज के चातुर्मास के दौरान बालसंघ का आयोजन, नन्हें बच्चो ने की पैदल यात्रा तथा गोसेवा

रिपोर्ट राजीव गुप्ता आष्टा जिला सीहोर मप्र

आष्टा नि.प्र. – जैन धर्म में पैदल तीर्थ यात्रा का बहुत महत्व है और जो व्यक्ति अनेक पैदल तीर्थ यात्रियों को साथ लेकर तीर्थ यात्रा करता है, मार्ग के पड़ाव में उनके भोजन, आवास इत्यादि का प्रबंध करता है, उसे संघपति कहा जाता है तथा उसे संघवी की पदवी से अलंकृत किया जाता है। नन्हें बच्चो में भी इस प्रकार की सेवा भावना अभी से ही कोमल मन में संस्कार बनकर उतरनी चाहिये।

इन संस्कारो का बीजारोपण नई पीढ़ी में अभी से होगा तभी आज के सुसंस्कारित बच्चे कल के सच्चे जैन श्रावक और श्राविका बनकर समाज और धर्म को आगे ले जा पायेगें। उक्त उद्गार अपने मंगल प्रवचनो के दौरान चातुर्मास हेतु विराजित परम पूज्य साध्वीवर्या नम्रव्रता श्रीजी म.सा. नें श्री मालव गिरनार तीर्थ श्वेताम्बर जैन किला मंदिर के उपाश्रय में व्यक्त किये।

समाज के प्रवक्ता अतुल सुराणा नें बताया कि चातुर्मास के दौरान नगर में प.पू. साध्वीवर्या नम्रव्रता श्रीजी, मग्नव्रता श्रीजी और मीतव्रता श्रीजी म.सा. की स्थिरता है, जिनके परम पावन सानिध्य में सभी समाजजन धर्मलाभ प्राप्त कर रहे हैं। इसी तारतम्य में आज नन्हें बालक-बालिकाओं के बालसंघ की पैदल यात्रा का आयोजन किया गया जिसमें 41 बालक-बालिकायें आकर्षक वेशभूषा में संघपति की भूमिका में प्रातः महावीर स्वामी गंज मंदिर पधारें वहां भगवान के दर्शन-वंदन के पश्चात् लाभार्थी सुंदरलाल प्रकाशचंद प्रदीपकुमार वोहरा परिवार द्वारा तिलक लगाकर, मोतियो की माला पहनाकर तथा आकर्षक पगड़ी के साथ सभी संघपति बच्चो का बहुमान किया गया। वहां से सभी नन्हें संघपति बैण्ड-बाजे व उपस्थित अन्य समाजजनो के साथ कन्नौद रोड स्थित जैन दादावाड़ी पहुंचे और भगवान के दर्शन किये तत्पश्चात् कन्नौद रोड से गुजरते समय शांतिलाल अशोक कुमार चोपड़ा परिवार द्वारा सभी का स्वागत किया गया और सभी मोक्षधाम स्थित मां पार्वती धाम गोशाला पहुंचे जहां सभी नें हलवा, पूड़ी, केले और हरा चारा गोमाता का पूजन कर उन्हें खिलाकर गोसेवा की वहां संजय सुराणा, विपिन सिंघवी, रीलेश बोथरा आदि की गोसेवक टीम द्वारा सुन्दर व्यवस्था दी गई थी। गोसेवा करने के पश्चात् बालसंघ नया बस स्टेण्ड तथा पुराना बस स्टेण्ड होते हुये घाटी चढ़कर किले स्थित जैन श्वेताम्बर मालव गिरनार तीर्थ पर विराजित श्री नेमिनाथ भगवान और शंखेश्वर पार्श्वनाथ भगवान की अलौकिक शरण में सुहावने मौसम में पहुंचा। मंदिर में दर्शन-वंदन करने के पश्चात् परम पूज्य साध्वीवर्या का सभी नें शुभ आशीर्वाद प्राप्त किया

और लाभार्थी परिवार सागरमल मनीष कुमार प्रफुल्ल कुमार चौरड़िया तथा सागरमल समरथमल तरूण कुमार चतरमुथा परिवार के करकमलो से एक आकर्षक बैग सभी नन्हें संघपतियों को भेंट करवाया गया। आयोजन के बीच – बीच में लक्की ड्रा भी खोलकर उपस्थित जनो को पुरस्कृत किया गया जिसके लाभार्थी प्रमोद कुमार सुमित कुमार गौरव कुमार कोठारी परिवार रहा। अंत में कुछ बच्चों नें अपने शब्दो के माध्यम से सभा को संबोधित भी किया कई बच्चो की तुतलाती मनमोहक बालसुलभ बोली नें सबका मन मोह लिया। अंत में भोजन प्रसादी के साथ आयोजन सम्पन्न हुआ आयोजन का संचालन प्रदीप धाड़ीवाल एवं पराग धाड़ीवाल द्वारा किया गया। आभार अतुल सुराणा द्वारा व्यक्त किया गया। इस अवसर पर चातुर्मास समिति के अध्यक्ष देशचंद वोहरा सहित पारसमल सिंघवी, रवीन्द्र रांका, नगीन सिंगी, निर्मल रांका, लोकेन्द्र बनवट, मनोज ललवानी, विनीत सिंगी, नगीन डूंगरवाल, प्रवीण धाड़ीवाल, प्रताप चतरमुथा एवं विभिन्न सामाजिक संगठनो एवं महिला मंडल के सदस्यो की उपस्थिति रही।

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