*देवी पांडालों में जगमगाएगी आस्था की ज्योति* हाथी पर सवार होकर आयेगी माताजी

रिपोर्ट राजीव गुप्ता आष्टा जिला सीहोर एमपी

सभार नगर पुरोहित श्री मनीष पाठक जी

इस वर्ष मातारानी का आगमन हाथी पर होगा*🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻

*पितृपक्ष के समापन के साथ ही नवरात्र आश्विन शुक्लपक्ष प्रतिपदा 15 अक्टूबर रविवार से प्रारंभ होकर 24 अक्टूबर विजयदशमी पर्व के साथ पूर्ण होंगे इस वर्ष नवरात्र तिथि पूर्ण नौ दिनों के रहेंगे इस नवरात्र में माँ दुर्गा का आगमन हाथी में होगा *हाथी होगा मातारानी का वाहन*

*नगरपुरोहित पँ मनीष पाठक* ने बताया कि मातारानी का वाहन यू तो सिंह होता है लेकिन तिथि दिन के अनुसार हर साल मातारानी का वाहन अलग अलग होता है अर्थात मातारानी सिंह के बजाय दूसरी सवारी पर सवार होकर भी पृथ्वी पर आती है इस संदर्भ में शास्त्रों में कहा गया है कि-*शशि सूर्य गजारुढा शनिभौमे तुरंगमे।**गुरौ शुक्रे च दोलायं बुधे नोँका प्रकीर्तिता।।*अर्थात सोमवार-रविवार को कलश स्थापना होने पर माँ हाथी पर आती है शनिवार-मंगलवार को घोड़ा वाहन होता है गुरुवार-शुक्रवार को स्थापना होने पर मातारानी डोली वाहन पर आती है इस वर्ष रविवार को नवरात्र का आरंभ होने पर मातारानी का आगमन हाथी में होगा जिससे बारिश की अत्यधिकता चारो और हरियाली प्राकृतिक सौंदर्य अन्न धन की समृद्धि होगी वर्षभर धर्म व मंगल कार्यो में वृद्धि रहेगी।

*नवरात्र में सप्तशती पाठ आवश्यक*:-🌸🌸🌸🌸🌸🌸🌸मार्केंडेय पुराण में ब्रह्मा जी ने मनुष्यों की रक्षा के लिए परमगोपनीय कल्याणकारी देवी कवच के पाठ और देवी के नौ रूपो की आरधना का विधान बताया है जिन्हें नवदुर्गा कहाँ जाता है शारदीय नवरात्र में श्रीदुर्गा सप्तशती का पाठ मनोरथ सिद्धि के लिए किया जाता है क्योंकि यह कर्म भक्ति ज्ञान की त्रिवेणी है नवरात्र में जहाँ भी घट स्थापना होती है वह देवी के पाठ को नियमित करना आवश्यक होता है इसके बिना नवरात्र पूजन पूर्ण नही होती है नवरात्र में प्रतिदिन इनका पाठ करने से मातारानी प्रसन्न होती है*लग्नानुसार करे साधना*🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻

*नगरपुरोहित पँ दीपेश पाठक* ने बताया कि नवरात्रि के पर्व में मातारानी पृथ्वी पर आकर भक्तो की सम्पूर्ण मनोकामनाओ को पूर्ण करती है यदि इस नवरात्र पर्व में भक्त श्रद्धा भक्तिभाव से माँ की आराधना करें तो उसे सम्पूर्ण सिद्धि मिलती है साधकों को अपनी जन्मकुंडली में दिए गए लग्ननुसार निम्न प्रकार से साधना करनी चाहिए*मेष लग्न*:-रामरक्षास्तोत्र पाठ*वृषभ लग्न*:-दुर्गाकवच पाठ*मिथुन लग्न*:-अर्गलास्तोत्र पाठ*कर्क लग्न*:-रात्रिसुक्त पाठ*सिंह लग्न*:-दुर्गाचालीसा पाठ*

कन्या लग्न*:-देवीसूक्त पाठ*

तुला लग्न*:-कीलकस्तोत्र पाठ*

वृश्चिक लग्न*:-रामरक्षास्तोत्र पाठ*

धनु लग्न*:-गायत्री चालीसा*

मकर लग्न*:-नारायण कवच पाठ*

कुंभ लग्न*:-दुर्गा सहस्त्रनाम पाठ

मीन लग्न*:-गायत्री चालीसा*घट स्थापना शुभ मुहूर्त*🌷🌷🌷🌷🌷🌷माँ दुर्गा की श्रद्धा भक्ति का महापर्व नवरात्रि रविवार 15 अक्टूबर 2023 से प्रारंभ हो रही है इस नवरात्रि में माता की विशेष कृपा प्राप्त करने के लिए शुभमुहूर्त में घटस्थापना करे घटस्थापना के लिए शुभमुहूर्त निम्न है*

प्रातः-लाभ,अमृत 09:14 से 12:06**दोपहर:-शुभ 01:33 से 02:59**शुभ,अमृत:शाम 5:52 से रात्रि 08:59 तक*अभिजीत मुहूर्त:-दोपहर 11:43 से 12:29 तक*🌺🌺🌺🌺🌺🌺

*शुभेच्छु**पं मयूर पाठक**

पं मनीष पाठक*

*पं डॉ दीपेश पाठक**

पुरोहित परिवार आष्टा जिला सीहोर 989338267*🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏

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