महाआर्तियों के नाम रहा नवदुर्गा का छटा दिवस जय मातादी की आवाज से गूंज उठा गगन

आष्टा से राजीव गुप्ता की रिपोर्ट

https://youtu.be/afQjpOdNrpE?si=iuPE1SwIBjrWxdIG

सप्तमी की रात सिद्धियों की रात कही जाती है और इस दिन तांत्रिक देवी की विशेष पूजा करते हैं. चलिए जानें कि मां कालरात्रि की पूजा कैसे करें और किन मंत्रों (Maa Kalratri Mantra) से देवी प्रसन्न होंगी. मां दुर्गा के सातवें स्वरूप कालरात्रि को महायोगिनी महायोगिश्वरी भी कहा जाता है.देवी कालरात्रि दिन की देवी हैं।

वह देवी की सबसे शक्तिशाली अभिव्यक्तियों में से एक है, और उसके नाम का अर्थ है “वह जो रात की तरह अंधेरी है।” उसका डराने वाला रूप और आचरण सर्वशक्तिमान की ताकत का प्रतीक है।देवी की पूजा करने के लिए मां कालरात्रि को प्रसाद के रूप में गुड़ या गुड़ से बना भोजन चढ़ाया जाता है। सप्तमी की रात भक्त देवी को श्रृंगार भी चढ़ाते हैं जिसमें सिन्दूर, काजल, कंघी, बालों का तेल, शैम्पू, नेल पेंट, लिपस्टिक आदि शामिल होते हैं।

नगर में दो दिवसीय गरबे का आयोजन मानस भवन में शुरू हुआ।

पुलिस प्रशासन ने सीमा सुरक्षा बल के साथ शांति एवम सद्भाव के लिए नगर में फ्लैग मार्च निकाला।

इस समय पूरा नगर में महाआर्तियो,जगह जगह गरबों,सांस्कृतिक कार्यक्रमों का विशाल आयोजन हो रहे हे

पाटीदार छात्रावास उमिया माता मंदिर कन्नौद रोड आष्टा

दुर्गा पंडालों एवम मंदिरों में इतनी भीड़ कभी नहीं देखी गई। हर साल की तरह इस साल भी शरदीय नवरात्रि का पर्व आस्था और उत्साह के साथ मनाया जा रहा है।

कृषि उपज मंडी के सामने शीतला माता मंदिर

नगर की पाटीदार छात्रावास,शीतला माता मंदिर मंडी के सामने, बंजारी माता मंदिर कन्नौद रोड, भाऊ बाबा मंदिर प्राचीन पीपल के पास, भोपाल नाका,

कालका माता नवदुर्गा उत्सव समिति पुरानी सब्जी मंडी के साथ और भी अन्य जगहों पर महा आरती का भव्य आयोजन किया गया पुरुष महिला बच्चे अर्धरात्रि का प्रसाद ग्रहण करते रहे।

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