शहीद भगतसिंह शासकीय स्नातक महाविद्यालय आष्टा में स्वामी विवेकानंद जयंती एवं युवा दिवस के अवसर पर सूर्य नमस्कार का आयोजन संपन्न।

आष्टा से राजीव गुप्ता की रिपोर्ट

स्वामी विवेकानंद जी की जन्म जयंती पर युवा दिवस के अवसर पर सूर्य नमस्कार का आयोजन महाविद्यालय परिवार के द्वारा किया गया। कार्यक्रम का प्रारंभ महाविद्यालय प्राचार्य एवं जन भागीदारी अध्यक्ष श्री निलेश खंडेलवाल के द्वारा मां सरस्वती एवं स्वामी विवेकानंद जी के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलित करके किया गया।

इस अवसर पर महाविद्यालय प्राचार्य डाॅ.पुष्पलता मिश्रा ने योग का महत्व बताते हुए छात्र-छात्राओं को कहा कि वर्तमान युग में व्यक्ति बहुत अधिक तनाव में रहता है। अतः योग ही है जो आपको इस तनाव से मुक्त कर सकता है अतः आप प्रतिदिन योग करें और विशेष तौर पर हास्य करें अगर आप हसेंगे तो धीरे-धीरे यह हास्य योग आपके जीवन का एक अभिन्न अंग बन जाएगा जो की आपको शारीरिक एवं मानसिक रूप से स्वस्थ रखेगा।

श्री कुलदीप जाटव के द्वारा सूर्य नमस्कार के 12 आसनों को करवाया गया तथा छात्र-छात्राओं को प्रत्येक आसान के महत्व के बारे में तथा उससे आपको क्या लाभ होगा इसकी संपूर्ण जानकारी प्रदान की गई कार्यक्रम प्रभारी डॉ. ललिता राय श्रीवास्तव ने छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि योग को अपने दिनचर्या में शामिल करें क्योंकि वर्तमान में प्रत्येक व्यक्ति की जीवन शैली इतनी बदल गई है

कि उसे 24 घंटे में एक घंटा भी अपने शरीर के लिए नहीं निकल पाता लेकिन अगर हम आधे घंटे भी नित्य योग करते हैं तो वर्तमान में हम विभिन्न अवसादो से मुक्ति पा सकते हैं और एक स्वस्थ जीवन जी कर अपने जीवन को खुशहाल बना सकते हैं। इस अवसर पर महाविद्यालय में एक भाषण प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया जिसका विषय था स्वामी विवेकानंद युवाओं के लिए एक शाश्वत प्रेरणा।

भाषण प्रतियोगिता में कई विद्यार्थियों ने अपने विचार प्रस्तुत किया जिसमें प्रथम स्थान कृतिक जोशी एवं द्वितीय स्थान कन्हैया बैरागी ने प्राप्त किया। इसके पश्चात दोपहर 12.15 बजे से 27वें राष्ट्रीय युवा महोत्सव का उद्घाटन के शुभारंभ का सीधा प्रसारण बेवलिंक के माध्यम से विद्यार्थियों को दिखाया गया। जिसमें माननीय प्रधानमंत्री जी द्वारा संबोधन में युवाओं को अमृतकाल का महत्व बताया। जिसमें भारत सरकार द्वारा अनेक योजनाएँ संचालित की जा रही है जिसमें युवा अपना योगदान कर समृद्ध हो सकते है। जिसमें वर्तमान में विश्वकर्मा कौशल संवृद्धन योजना के बारे में बताया कि एक निम्न वर्ग का युवा भी ऋण लेकर अपना व्यवसाय प्रारंभर कर सकता है।

जिसके अंतर्गत केन्द्र सरकार द्वारा 3 लाख तक का ऋण प्रदान किया जाता है। प्रथम चरण 1 लाख तथा द्वितीय चरण 2 लाख रुपये प्रदान किए जाते है। हमें भारत की सबसे तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था बनना है। सभी क्षेत्र में भारत समृद्ध हुआ है जिसमें सूचना प्रौद्याोगिकी में भी कई विकास हुए है। हमे भारत को ऐसे विकसित करना है कि पूरे विश्व में सभी क्षेत्र में प्रथम रहे। इस अवसर पर श्री बसंत पाठक सहित अधिक संख्या में विद्यार्थियों के साथ महाविद्यालयीन स्टाॅफ भी उपस्थित रहें।

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