आष्टा जिला सीहोर मध्य प्रदेश से राजीव गुप्ता की रिपोर्ट

आष्टा– परम् पूज्य आचार्य श्री विद्यासागर जी महामुनिराज के परम शिष्य परम् पूज्य मुनि श्री भूतबलि सागर जी महाराज ससंघ शुजालपुर में विराजमान है, दिगम्बर जैन समाज के अध्यक्ष आनंद जैन पोरवाल के नेतृत्व में सेकड़ो श्रावक श्राविकाओ ने शुजालपुर पहुच कर पूज्य मुनि श्री को आष्टा शुभागमन की भावना को लेकर श्रीफल भेंट किया,पूज्य मुनि श्री ने इस अवसर पर अपने आशीष वचन मांगलिक में बताया कि

हर आत्मा में राम है बस उसे पहचानने की जरूरत है,उसे प्रकट करने की जरूरत है,अपने इष्ट का ध्यान कर ब्रम्हमूहर्त में उठ कर ध्यान करना चाहिए,सामायिक करना चाहिए, सभी को परमात्मा का स्मरण प्रति समय करते रहना चाहिये,भगवान राम ने मर्यादा में रह कर अपने पुरुषत्व को जीता था पहचाना था इसलिए वे मर्यादा पुरुषोत्तम कहलाये हम भी उन्ही के आदर्शों पर चल कर अपने जीवन को धन्य करे एकता के सूत्र में बंधे रहे एवं अपने अंतिम लक्ष्य को प्राप्त करें।


