आष्टा जिला सीहोर मध्य प्रदेश से राजीव गुप्ता की रिपोर्ट
नगर पुरोहित डाक्टर दीपेश पाठक से साभार

इस वर्ष आष्टा नगर में, होली (धुलेंडी) का महत्वपूर्ण त्योहार सोमवार, 25 मार्च, 2024 को मनाया जाएगा, जबकि होली से एक दिन पहले,24 मार्च की मध्यरात्रि उपरांत होलिका दहन किया जाएगा, रविवार, 24 मार्च को प्रदोषकाल उपरांत होलिका का पूजन किया जायेगा। ज्योतिषाचार्य पं डा दीपेश पाठक ने बताया की होली का मुहूर्त 24 मार्च को शाम 7.19 बजे से रात 9.38 बजे तक रहेगा, जबकि अगले दिन लोग दोस्तों और परिवार के सदस्यों को रंग लगाकर होली खेल सकते हैं।

*पंचांग के अनुसार , शुभ समय इस प्रकार हैं:*
पूर्णिमा तिथि आरंभ – 24 मार्च 2024 को सुबह 09:54 बजे सेपूर्णिमा तिथि समाप्त – 25 मार्च 2024 को दोपहर 12:29 बजे *होली पर कैसे की जाती है पूजा?* नगरपुरोहित पं मनीष पाठक ने बताया की होली के पहले दिन लोग बुराई पर अच्छाई की जीत के प्रतीक के रूप में लकड़ियों का ढेर जलाते हैं। पूजा के लिए आवश्यक वस्तुओं में कच्चा सूती धागा, नारियल, गुलाल पाउडर, सिन्दूर, अक्षत (चावल के दाने), अगरबत्ती और फूल, बताशा (चीनी पाउडर से बनी मिठाई), हल्दी और एक कटोरा पानी शामिल हैं।हालाँकि, ‘होलिका दहन’ पूजा के लिए, लोगों को कच्चे सूती धागे की आवश्यकता होगी जो लकड़ी के ढेर के चारों ओर तीन या सात बार बांधे जाते हैं। इसके बाद उस पर फूल और सिन्दूर के साथ गंगाजल छिड़का जाता है। उसके बाद माला, रोली, अक्षत, बताशा, हल्दी, गुलाल और नारियल से पूजा की जाती है।

*भारत में दिखाई नहीं देगा पहला चंद्र ग्रहण*
पं पाठक ने बताया की 2024 होली पर लगने वाले इस पहले चंद्र ग्रहण को भारत में नहीं देखा जा सकेगा, जिस कारण से इसका सूतक काल भी मान्य नहीं होगा और इसका प्रभाव भी होली के त्योहार पर नहीं होगा। इसलिए आप बिना किसी चिंता के होली का त्योहार मना सकते हैं।


