आष्टा से राजीव गुप्ता की रिपोर्ट

आष्टा। समीपस्थ मोहन बड़ोदिया में दिनांक 25 मार्च से 27 मार्च 2024 तक तीन दिवसीय मुमुक्षु मुस्कान बहन का जैन भगवती दीक्षा महा महोत्सव कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। इसी के निमित्त जैन समाज के वाणी के जादूगर जीतरत्नसागर सूरीजी महाराज साहब सहित श्रीआचार्य साधु भगवंत जी एवं साध्वी जी मंडल का भव्य नगर प्रवेश हुआ। उक्त नगर प्रवेश के दौरान महिलाएं जहां चुनरी की साड़ी पहनकर मंगल कलश लेकर चल रही थी ।वहीं बालिकाएं भक्ति में लीन होकर नृत्य कर रही थी। कदम -कदम पर आचार्य भगवंत सहित संघ का गवली करके आशीर्वाद प्राप्त किया गया।

वाणी के जादूगर कलम के बादशाह 400 पुस्तक के लेखक परम पूज्य आचार्य भगवंत श्री जीतरत्नसागरसूरीजी महाराज साहब एवं वर्धमान तप युग प्रभावक परम पूज्य आचार्य श्री चंद्ररत्नसागर सूरिजी महाराज साहब, पूज्य श्री आचार्य 700 वर्षों के इतिहास में ऐसे महान तपस्वी आचार्य श्री जिन्होंने मात्र 32 वर्ष की अल्प आयु में वर्धमान तप की सौ ओलीजी करने वाले एवं मात्र एक दिन पारणा कर 270 ओली जी संलग्न करने वाले एकमात्र गुरु भगवंत आचार्य श्री चंद्र रत्न सागर सूरी जी महाराज साहब वर्धमान तप युग प्रभावक के इतिहास पुरुष है। ऐसे महान आचार्य भगवंतो एवं साधु भगवंतो एवं साध्वी जी मंडल का दिनांक 22 मार्च शुक्रवार को मालव प्रदेश के विभिन्न संघो में शासन प्रभावना करते हुए मोहन बड़ोदिया नगर में गुरुदेवों का पदार्पण हुआ।बता दे आगामी 27 मार्च को मुमुक्ष मुस्कान बहन की भव्य भगवती दीक्षा महा महोत्सव का कार्यक्रम आयोजित होने जा रहा है एवं 26 मार्च को नगर में भव्य विशाल वर्षी दान वरघोड़ा चल समारोह आचार्य गुरु भगवंत श्री जीतरत्नसागर सूरीजी महाराज साहब एवं श्री चंद्ररत्नसागर सूरीजी महाराज साहब जी एवं साधु जी की पावनकारी निश्रा में एवं गुरुदेव श्री अक्षय ज्योति श्रीजी आदि ठाणा के पावन सानिध्य में मुस्कान बहन की जैन भगवती दीक्षा का तीन दिवसीय कार्यक्रम मोहन बड़ोदिया जैन श्रीसंघ की उपस्थिति में में होने जा रहा है।इसी बेला में दीक्षा महोत्सव निमित्त नगर में पूज्य आचार्य श्री गुरु भगवंत एवं साध्वी जी मंडल का भव्य नगर प्रवेश महेश कुमार जैन, श्री भेरुलाल भंडारी परिवार के निज भंडारी निवास पर गुरुदेव श्री आचार्य भगवंत पधारे एवं गुरुदेव ने पगलिऐ किए।सभी गुरुदेवों की एवं सकल जैन श्री संघ के नवकारसी एवं प्रभावना का धर्म लाभ महेश कुमार जैन भंडारी परिवार ने लिया। उसके पश्चात बैंड बाजा के साथ नगर प्रवेश के रूप में चल समारोह नगर के प्रमुख मार्गो से होते हुए जैन मंदिर तक निकाला गया।समाज जनों ने गुरुदेव के सन्मुख जगह-जगह गवली बनाकर श्री फल चड़ाकर अक्षत से वधामणा देकर वंदन कर गुरुदेवों की अगवानी की। जिन शासन के राजा पधार गऐ है एवं जय जय गुरुदेव के नारों से नगर गूंजायमान हो गया। जैन मंदिर पहुंचकर गुरुदेव के साथ सकल जैन श्री संघ ने परमात्मा श्री वर्धमान महावीर स्वामी जी के दर्शन वंदन चैत्य वंदन किया.उसके बाद गुरुदेवों का जैन उपाश्रय में सकल जैन श्री संघ सहित उपस्थित सभी ने गुरू वंदन किया।इस दौरान पाट पर विराजमान आचार्य भगवंत ने अपने मुखारविंद से व्याख्यान देकर संयम जीवन दीक्षा के महत्व के बारे में प्रकाश डाला. उपस्थित सभी ने गुरुदेव से आशीर्वाद लेकर धर्म लाभ प्राप्त किया. तत्पश्चात सकल जैन श्री संघ का जैन मंदिर उपाश्रय पर स्वामी वात्सल्य का आयोजन हुआ। इस धार्मिक आयोजन में जैन समाज के वरिष्ठ जनों सहित पुरुष महिला बच्चों ने बढ़ चढ़कर भाग लिया एवं गुरु भगवंतो के नगर प्रवेश के कार्यक्रम को सफल बनाया।

