अंकुर अभियान के तहत पौधरोपण एवं डेंगू मलेरिया की रोकथाम के कलेक्टर ने दिए निर्देश

रिपोर्ट राजीव गुप्ता आष्टा जिला सीहोर एमपी

16 जुलाई को पूरे जिले में लार्वा नियंत्रण के लिए डाली जाएंगी आइल बॉल

अंकुर अभियान के तहत प्रत्येक ग्राम पंचायत में लगाए जाएंगे 50-50 पौघेवीसी के माध्यम से कलेक्टर ने दिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश

डेंगू, मलेरिया की रोकथाम और अंकुर अभियान संबंध में कलेक्टर श्री प्रवीण सिंह द्वारा वीसी के माध्यम से समस्त जनपद पंचायत सीईओ नगर पालिका, नगर परिषद सीएमओ, सभी ग्राम पंचायत के सचिव, ग्राम रोजगार सहायक एवं स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी को सघन अभियान चलाकर अधिक से अधिक पौधरोपण करने तथा मलेरिया की रोकथाम के लिए आइल बॉल बनाकर रूके पानी डालने के निर्देश दिए हैं।

16 जुलाई को लार्वा नियंत्रण के लिए डाली जाएंगी आइल बॉल

कलेक्टर श्री सिंह द्वारा वीसी में दिए गए निर्देशानुसार 16 जुलाई को सम्पूर्ण जिले के ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रो में जिले के समस्त शासकीय विभाग समन्वित रूप से अपने अपने क्षेत्रों में टीम बनाकर आइल बॉल डालेंगे। यह कार्य सुबह 10:00 बजे से 11:00 तक किया जाएगा। इस गतिविधि के छोटे-छोटे वीडियो बनाकर स्थानीय ग्रुपों में शेयर करने के निर्देश दिए गए हैं। इस अभियान के 10 दिवस पश्चात् उसी प्रकार पुनः आइल बॉल उसी स्थान पर डाली जाएगी। इससे ठहरे हुए पानी में पनपने वाला लार्वा नष्ट होगा। इस आइल बाल को पेयजल स्त्रोतों एवं बहते हुए पानी में नहीं डाला जाए।

आइल बाल बनाने की विधि

आरा मशीन/कारपेन्टर की शॉप से लकडी का बुरादा एकत्र कर, पुरानी चादर या घर के फटे हुए काटन के कपडे़ से बॉल का निर्माण कर गाड़ी के जले हुए तेल में डुबा कर ठहरे हुए पानी में डालना है। यह सस्ती एवं सुलभ विधि है । इस बॉल के तेल की परत ठहरे हुए पानी की सतह पर जम जाती हैं, जिससे मलेरिया एवं डेंगु के (एनाफिलीस एवं एडीस) मच्छर के लार्वा ऑक्सीजन न मिलने के कारण पानी के अन्दर ही नष्ट हो जाते हैं। प्रत्येक ग्राम पंचायतो को 100 बॉल एवं शहरी क्षेत्र के प्रत्येक वार्ड को 50 बॉल निर्माण के निर्देश दिए।

अंकुर अभियन के तहत पौधारोपण

अंकुर अभियान के संन्दर्भ में कलेक्टर श्री सिंह द्वारा जिले की समस्त शासकीय संस्थाओं के प्रमुखों को आदेशित किया गया हैं कि अंकुर अभियान एप डाउनलोड कर 50-50 पौधे लगाना सुनिश्चित करें। एक पौधा मॉं के नाम शासन की योजना में अपनी उपस्थिति अनिवार्य दर्ज करावें एवं फोटोग्राफ साझा करें। साथ ही उन्होंने पौधरापेण के बाद 30 दिन तक नियमित पानी डालना सुनिश्चित करने के लिए कहा है।

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