नगर में इस्कान की रथयात्रा सोने में सुंगध जैसा कैलाश परमार

रिपोर्ट राजीव गुप्ता आष्टा जिला सीहोर एमपी

https://youtu.be/sjUitt9xGLk?si=XHmKNvnc0ERpJI83

कृष्ण भक्ति हमारी आत्मा को आल्हाद से भर देती है । इनकी लीला न्यारी भी है और प्यारी भी । भगवान श्री कृष्ण का जितना स्वरूप प्यारा है उनका ही निराला उनका प्रेमोद्दीपक दर्शन है । श्री कृष्ण विज्ञान भी हैं और कला भी । सर्व प्रिय भगवान कृष्ण ज्ञान , कला और प्रेम के प्रतीक हैं उनके द्वारा प्रदत्त ज्ञानोपदेश हमे जीने की कला सिखाता है और जीवन की नश्वरता का बोध भी कराता है । कृष्ण भक्ति से शांति सुख और समृद्धि की प्राप्ति होती है । यह बात इस्कान मन्दिर उज्जैन के उपाध्यक्ष पूज्य धीर गौर स्वामी ने आज नगर में निकली इस्कान रथयात्रा के अवसर पर श्रद्धालुओं से कही ।

इस अवसर पर पूर्व नपाध्यक्ष तथा स्वामी अवधेशानन्द गिरी जी महाराज द्वारा स्थापित प्रभु प्रेमी संघ के संयोजक कैलाश परमार ने संघ की गतिविधियों और सक्रियता से अवगत कराया । नगर में इस्कान द्वारा रथयात्रा की परंपरा पर हर्ष व्यक्त करते हुए श्री परमार ने कहा कि नगर की शानदार धार्मिक परम्पराओ में इस्कान की गतिविधियों का जुड़ना सोने पर सुहागा जैसा होगा । पूर्व नपाध्यक्ष ने पूज्य धीर गौर स्वामी का परम्परागत ढंग से अभिनन्दन किया । स्वामी जी ने स्वागतकर्ताओ को श्रीमद भागवत की प्रति भेंट करते हुए अध्ययनशील और सेवाभावी बनने का आशीष दिया ।

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इस अवसर पर नगर में इस्कान के प्रमुख सहयोगी संदीप सोनी , इनर व्हील संस्था की पूर्व उपाध्यक्ष श्रीमती हेमलता सोनी , मारवाड़ी नामदेव छिपा समाज के राष्ट्रीय पदाधिकारी अनिल भाटी , एडवोकेट वीरेंद्र परमार आदि उपस्थित थे ।

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