इस साल मां दुर्गा पालकी की सवारी पर आ रही हैं। साथ ही उनकी विदाई चरणायुध (मुर्गे) पर होगी।पंडित गणेश व्यास गंज माताजी मंदिर आष्टा

रिपोर्ट राजीव गुप्ता आष्टा जिला सीहोर एमपी

शारदीय नवरात्र 2024: आचार्य पंड़ित गणेश व्यास माता मंदिर गाँधीचौक आष्टा इस वर्ष नवरात्र की जानकारी देते है कि हिंदू धर्म में नवरात्रि का विशेष महत्व है।

आपको बता दें कि नवरात्रि साल में 4 बार आती हैं। जिसमें एक चैत्र में और ओर एक आश्विन में शारदीय नवरात्रि होती हैं,तथा दो गुप्त माघ व आषाढ़ माह में नवरात्रि होती हैं। नवरात्रि में माता के 9 रूपों की पूजा- अर्चना की जाती है। यहा हम बात करने जा रहे हैं शारदीय नवरात्रि के बारे में जो हर साल आश्विन माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से प्रारंभ होते हैं। इस साल शारदीय नवरात्रि की शुरुआत 3 अक्टूबर से हो रही है। वहीं इस साल मां दुर्गा पालकी की सवारी पर आ रही हैं।

साथ ही उनकी विदाई चरणायुध (मुर्गे) पर होगी। आइए जानते हैं मां दुर्गा का पालकी पर आने का क्या है संंकेत:पालकी पर सवार होकर आ रहीं हैं मां दुर्गादेवी भागवत पुराण में मां नवदुर्गा की सवारी के बारे में वर्णन मिलता है। जिससे संबंधित एक श्लोक भी है।शशि सूर्य गजरुढा शनिभौमै तुरंगमे।गुरौशुक्रेच दोलायां बुधे नौकाप्रकीर्तिता॥श्लोक के मुताबिक यदि नवरात्रि सोमवार या रविवार से आरंभ होती हैं तो माता हाथी पर विराजमान होकर आती हैं।

साथ ही यदि नवरात्र शनिवार या मंगलवार से आरंभ हो तो माता की सवारी घोड़ा होता है। साथ ही यदि शुक्रवार और गुरुवार को नवरात्रि आरंभ होती है तो मातारानी पालकी (डोली) में आती हैं। वहीं यदि बुधवार से नवरात्रि प्रारंभ हो तो माता का आगमन नौका पर सवार होकर आती हैं। वहीं इस बार नवरात्रि की शुरूआत गुरुवार 3 अक्टूबर से शुरू हो रही हैं, तो इस बार माता डोली पर सवार होकर आ रही हैं, जो अशुभ माना जा रहा है।देवी भागवत पुराण के अनुसार माता रानी का पालकी पर आना शुभ संकेत नहीं माना जाता है।

माता दुर्गा का पालकी पर आने का अर्थ है कि देश-दुनिया में बीमारी और महामारी फैल सकती है। इतना ही नहीं व्यापार में मंदी, अर्थव्यवस्था में गिरावट की भी आशंका होती है। साथ ही देश- विदेश में कोई दुर्घटना हो सकती है।माँ की विभिन्न रूपों की होगी पूजा ।

तीन अक्टूबर : शैलपुत्रीचार अक्टूबर :ब्रह्मचारिणीपांच अक्टूबर : चंद्रघंटाछह अक्टूबर : कुष्मांडासात अक्टूबर : कुष्मांडाआठ अक्टूबर : स्कंदमातानौ अक्टूबर : 10 अक्टूबर : कालरात्रि11 अक्टूबर : महागौरी व सिद्धिदात्री12 अक्टूबर : विजयादशमीइसलिए सभी भक्तों को माँ की राष्ट्र धर्म सुरक्षित हो इस कामना से मङ्गलमय पूजा अर्चना करते रहना है।सभी को जय माता दी।

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