सभी चल समारोहों का सकल हिंदू समाज ने किया स्वागत

रिपोर्ट राजीव गुप्ता आष्टा जिला सीहोर एमपी

किसी दिन या तिथि का सम्बन्ध यदि महापुरुषों के जन्म और उनकी लीलाओं से हो तो उसका महत्व स्वमेव ही अमृत तुल्य हो जाता है । शरद पूर्णिमा पर जन्मे महापुरुषों के अनुयायियों के लिये यह दिन आस्था और दोगुने उत्साह का पर्व बन जाता है । शरद पूर्णिमा कुशवाह समाज के आराध्य देव लव कुश , महर्षि वाल्मीकि समाज, स्वर्णकार समाज के महाराजाधिराज अजमीढ़जी और जैनाचार्य विद्यासागर जी तथा उनके उत्तरवर्ती आचार्य समयसागरजी महाराज का भी जन्म दिवस है । शरद पूर्णिमा के लिए कहा जाता हे की इस दिन लोग रात को जागकर मां लक्ष्मी की पूजा करते हैं। मान्यता है कि जो इस रात जागता है, मां लक्ष्मी उसके घर समृद्धि का आशीर्वाद देती हैं। इस दिन को शरद पूर्णिमा भी कहते हैं।

रात्रि में खीर का प्रसाद बनाकर बांटा जाता हे।मान्यता है कि इसी दिन मां लक्ष्मी का जन्म हुआ था। यह प्रशन्नता की बात है कि हमारे उत्सव प्रिय नगर में इन महापुरुषों के प्रति आस्थावान जैन समाज , स्वर्णकार समाज और कुशवाह समाज के साथ ही वाल्मीकि समाज भी अनेक सांस्कृतिक आयोजनों के साथ यह सभी आयोजन श्रद्धापूर्वक मनाता हे । हम सभी सकल हिंदू समाज के समाजजन सभी को हार्दिक बधाई देते हैं।
आज ही दिन गायत्री शक्ति पीठ सहित नगर के प्राचीन मंदिरों में अमृत औषधीय युक्त खीर का प्रसादी वितरण भी हमारी मान्य परम्पराओं और श्रद्धा को दर्शाता है ।

सकल हिंदू समाज द्वारा स्वर्णकार समाज के अध्यक्ष राधेश्याम सोनी नयनतारा,युवा अध्यक्ष गोल्डी सोनी,कुशवाह समाज के वरिष्ठ नरेंद्र कुशवाह, चल समारोह समिति के अध्यक्ष रवि कुशवाह का साफा बांध कर स्वागत किया।इस अवसर पर सकल समाज के संयोजक सुरेश सुराना,अध्यक्ष अनिल श्रीवास्तव,हिंदू उत्सव समिति के अध्यक्ष कालू भट्ट,मनीष डोंगरे, मुकेश नामदेव, मनीष धारवां,शिवलाल प्रजापति,महेश जाट, अचल किरार, वीरेंद्र राठौर,राजीव गुप्ता पत्रकार,लखन विश्वकर्मा,मांगीलाल सिसोदिया उपस्थित थे।

