पिक्षिका परिवर्तन समारोह आजमोर पंख की बनी पिक्षिका का होगा आज विमोचन। नवीन पिक्षिका धारण करेंगे मुनिराज

रिपोर्ट राजीव गुप्ता आष्टा जिला सीहोर एमपी

पिक्छिका की शोभायात्रा निकाली जायेगी

आष्टा– पिक्षीका परिवर्तन विशेष—-दिगम्बर जैन साधुगण जो कि नग्न दिगम्बर अवस्था मे रहकर समस्त प्रकार के परिग्रह को त्याग कर इस धरती पर विचरण करते है जिन्हें शास्त्रों में चलते फिरते तीर्थ की उपमा भी दी गई है शास्त्रों के अनुसार यह दिगम्बर साधु अपने पास केवल तीन उपकरण ही रखते है जल उपयोग हेतु नारियल से बना हुआ कमंडल का पात्र जो कि प्राकतिक होता है, स्व का अध्ययन करने हेतु एक शास्त्र जिसका नित्य अध्ययन कर मुनिराज जी अपना समय धर्म ध्यान में व्यतीत करते है स्व के अध्ययन में लगाकर मन को स्थिरता में लगाये रखते है वही अपने हाथों में एक मोर पंख की बनी हुई सुंदर पिक्छिका हर समय रखते है ।

जिसका उपयोग मुनिराज वस्तु आदान प्रदान करने आदान निक्षेपण समिति का पालन करते हुए कोई भी वस्तु उठाते रखते समय इस बात का ध्यान रखते है कि कोई सूक्ष्म जीव का हमारे द्वारा घात नही हो किसी प्रकार की उस जीव को हानि न पहुँचे इसलिए वह मोर पंख की बनी हुई पिक्षिका से किसी भी जगह को साफ कर फिर उसका उपयोग करते हैयह मोर पंख की बनी हुई पिक्षिका जैन मुनि को दीक्षा के समय दीक्षा गुरु द्वारा प्रदान की जाती है जिसे जीवन पर्यंत अपने हाथों में रख कर अपनी चर्या का पालन करना होता है उक्त पिक्षिका के कोमल पंखों में साल भर तक उपयोग करने से मृदुता पन समाप्त होने लगता है इसलिए मुनिराज चातुर्मास के उपरांत उक्त पिक्षिका को परिवर्तन कर नई पिक्षिका धारण करते है पुरानी पिक्षिका संयमी श्रावक को मुनि श्री द्वारा अपने हाथों से प्रदान की जाती है पिक्षिका परिवर्तन का समारोह धर्म प्रभावना का एक अंग होता है यह संयम का उपकरण होती है ओर हमे संयम का मार्ग बताती है श्रद्धा और आस्था के अभूतपूर्व आयोजन में सभी लोग भाग लेकर के सद्श्रावको के पुण्य की अनुमोदना करते है,दिगम्बर जैन पंचायत समिति के श्री शरद जैन ने बताया कि नगर के दिव्योदय जैन तीर्थ किला पर आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज के परम शिष्य व आचार्य श्री समय सागर जी महाराज की विशेष अनुकम्पा से विराजमान मुनि श्री निष्पक्ष सागर जी, मुनि श्री निष्प्रह सागर जी, मुनि श्री निष्कंप सागर, जी मुनि श्री निष्काम सागर जी महाराज ससंघ का पिक्षिका परिवर्तन का कार्यक्रम के अंतर्गत आज दोपहर 12:30 बजे नवीन पिक्षिका की शोभायात्रा श्री नेमिनाथ जिन मंदिर साईं कॉलोनी से प्रारम्भ होकर दोपहर 1 बजे से विद्यासागर सभागार किला मन्दिर में पिक्षिका पिक्षिका परिवर्तन समारोह सम्पन्न होगा, आयोजन में देश भर से गुरु भक्त शामिल होंगे समिति द्वारा आयोजन की वृहद स्तर पर तैयारियां की गई है श्री दिगम्बर जैन पंचायत समिति व समाज के अध्यक्ष आनंद जैन पोरवाल महामन्त्री कैलाश जैन चित्रलोक ,श्री धर्म प्रभावना समिति के श्री संजय जैन सात्विक व श्री मुनि सेवा समिति के श्री सन्दीप जैन नीलबड़ धीरज जैन नीलबड़ ने समस्त धर्म प्रेमी बन्धुओ माताओ बहनो से आयोजन में अधिक से अधिक संख्या में सहभागिता करने की अपील की गई है।

पिक्षिका परिवर्तन समारोह का विशेष विवरण दिया गया है। यह समारोह जैन धर्म के दिगंबर साधु समाज में अत्यंत महत्वपूर्ण है। पिक्षिका, जो मोर पंख से निर्मित होती है, मुनिराज द्वारा संयम और अहिंसा का पालन करने के लिए उपयोग की जाती है। इसका उपयोग किसी भी स्थान को साफ करने के लिए किया जाता है ताकि सूक्ष्म जीवों की हानि न हो।

समारोह में, पुरानी पिक्षिका को बदलकर नई पिक्षिका धारण की जाती है। यह प्रक्रिया हर वर्ष चातुर्मास के बाद आयोजित की जाती है। पुरानी पिक्षिका मुनि महाराज द्वारा संयमी श्रावकों को दी जाती है, जो इसे श्रद्धा से स्वीकार करते हैं।आज का कार्यक्रम विशेष रूप से विद्यासागर सभागार किला मंदिर में आयोजित किया जाएगा।

शोभायात्रा साईं कॉलोनी से प्रारंभ होकर विद्यासागर सभागार में पहुंचेगी। इस आयोजन में देशभर से जैन भक्त बड़ी संख्या में शामिल होंगे।यह आयोजन न केवल धर्म प्रभावना का माध्यम है, बल्कि संयम और अहिंसा के संदेश को व्यापक रूप से फैलाने का एक प्रयास भी है। समिति और समाज के प्रमुख सदस्यों ने सभी धर्म प्रेमियों से इस आयोजन में सहभागिता की अपील की है।

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