मुनिश्री निष्काम सागर महाराज का प्रेरक संदेश: “सभी चाहते हैं बेटा डॉक्टर बने, मुनि बनने की चाह नहीं”

रिपोर्ट राजीव गुप्ता आष्टा जिला सीहोर एमपी

आष्टा। श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन दिव्योदय अतिशय तीर्थ क्षेत्र किला मंदिर पर आयोजित प्रवचन में मुनिश्री निष्काम सागर महाराज ने जीवन के सार और मोक्षमार्ग पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि समाज के अधिकांश लोग अपने बच्चों को डॉक्टर, इंजीनियर या सफल व्यापारी बनते देखना चाहते हैं, लेकिन मुनि बनने की प्रेरणा नहीं देते।उन्होंने कहा कि आत्मा को समझने और मोक्ष पुरुषार्थ करने का समय सीमित है। इसलिए समय का सदुपयोग करें। आचार्य भगवंत विद्यासागर महाराज की दीक्षा परंपरा का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि उन्होंने युवाओं को भी साधु जीवन के लिए प्रेरित किया है।मुनिश्री ने राग-द्वेष और मोह से मुक्त होकर आत्मकल्याण के मार्ग पर बढ़ने का आह्वान किया।

उन्होंने कहा कि प्रवचन करना आसान है, लेकिन उन पर अमल करना कठिन है। महिलाओं के वैराग्य के विषय में उन्होंने कहा कि उनके लिए वैराग्य कठिन है, जबकि पुरुष दीक्षा लेने का निर्णय आसानी से कर सकते हैं।मुनि संघ का जावर में भव्य नगर प्रवेशमुनिश्री निष्पक्ष सागर महाराज और मुनिश्री निष्प्रह सागर महाराज ने चातुर्मास के पश्चात मंगल विहार कर जावर की ओर प्रस्थान किया। जुलूस के रूप में नगर प्रवेश हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में समाजजनों ने सहभागिता की।विहार के दौरान मुनिश्री ने कहा कि समाज में मतभेद हो सकते हैं, लेकिन मन भेद नहीं होना चाहिए। गुरुओं के प्रति बच्चों और युवाओं का लगाव देखकर उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त की।जावर पहुंचने पर श्रद्धालुओं ने मुनि संघ की आरती कर स्वागत किया।

इस दौरान कई श्रद्धालुओं की आंखें नम हो गईं। धार्मिक वातावरण में मुनि संघ ने समाज को आध्यात्मिकता और मोक्षमार्ग पर आगे बढ़ने का संदेश दिया।

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