रिपोर्ट राजीव गुप्ता आष्टा जिला सीहोर एमपी

भगवान श्री कृष्ण के जन्मोत्सव पर भक्त झूम उठे।
इस अवसर पर अनेक जनप्रतिनिधि एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे।

श्रीमद् भागवत कथा का चतुर्थ दिवस: भगवान श्रीकृष्ण जन्मोत्सव का भव्य आयोजनश्रीमद् भागवत कथा के चतुर्थ दिवस पर भगवान श्रीकृष्ण जी का जन्मोत्सव बड़े धूमधाम से मनाया गया। पालकी यात्रा के साथ जयकारों की गूंज और भक्तिमय वातावरण ने श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया।

गुरुदेव का संदेश:कथा के प्रारंभ में पूज्य गुरुदेव ने आत्मा और परमात्मा के संबंध पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यदि हमारा मन संसार से हटकर परमात्मा में लग जाए, तो हमें संसार की सभी आवश्यकताएँ सहज ही प्राप्त हो जाएंगी।

परमात्मा से प्रेम करने पर वह भी मिल जाता है जिसकी हम कल्पना भी नहीं करते।कथा प्रसंग:आज की कथा में अजामिल उपाख्यान, गज-ग्रह कथा, समुद्र मंथन की कथा, और रामचरित मानस का वर्णन हुआ। इसके साथ ही भागवत के दशम स्कंध की चर्चा की गई, जिसे भागवत का हृदय कहा जाता है। इसमें भगवान श्रीकृष्ण के लीला चरित्रों का वर्णन किया गया।

विशेष अतिथि:कथा में क्षेत्र के सुप्रसिद्ध कथा वाचक अनिल पाराशर जी ने पधार कर भागवत को प्रणाम किया और गुरुदेव का स्वागत किया।

श्रद्धालुओं की उपस्थिति:कथा स्थल पर बड़ी संख्या में क्षेत्रीय श्रद्धालु उपस्थित रहे। आयोजन समिति, नागेश्वर महादेव मंदिर, ने सभी भक्तों से निवेदन किया है कि वे शेष दिनों में भी पधारकर धर्म लाभ लें।जय श्रीकृष्ण!


