नगर में शुरू हुई संत गोविंद जाने की भागवत कथा, गुरुजी ने बताया श्रीमद् भागवत कथा का मुख्य लक्ष्य परमात्मा से हमको जोड़ना होता है

रिपोर्ट राजीव गुप्ता आष्टा जिला सीहोर एमपी

नव वर्ष में भागवत कथा का आरंभ नूतन वर्ष की शुरुआत के प्रथम दिन संत श्री गोविंद जाने की के मुखारविंद से प्रथम दिवस पर आष्टा आगमन पर गोविंद जाने समिति ने बाईपास चौपाटी पर भव्य स्वागत किया गुरुदेव के स्वागत के लिए आष्टा और क्षेत्र से सैकड़ो वाहन ओर ढोल धमाके के काफिले के साथ बाईपास चौपाटी ,बुधवारा ,कॉलोनी चौराहा , कन्नौद रोड होते हुए कथा स्थल पर पहुंचे।

भागवत कथा श्रवण करने के लिए हजारों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचे, गुरुदेव ने कहा कि अपने जीवन में धन बढ़ाओ मान सम्मान बढ़ाओ लेकिन साथ-साथ भगवान की भक्ति को भी बढ़ाओ, श्रृंगार अगर करना है तो राधे कृष्णा नाम का श्रृंगार करो भगवान पर भरोसा रखो जीवन की गाड़ी को भगवान के भरोसे से पर छोड़ दो कलयुग में बुराई का प्रचार तेजी से होता है और खत्म भी जल्दी ही हो जाता है वही अच्छाई का प्रचार धीरे-धीरे होता है और हमेशा टिका रहता है, चित्र तो सुंदर सब देखना चाहते हैं ।

लेकिन चरित्र सुंदर जिस दिन देखना शुरू कर दोगे उसे दिन रघुनाथ आपसे मिलने आएंगे जीवन को श्री राम के चरित्र जैसा पवित्र बनाओ, इस कलयुग में हिंदुओं के घर में दो चीज ज्यादा देखने को मिलती है एक तो दारू दूसरी फुट इन पर लगाम लगाना चाहिए धन का बल तो आसानी से प्राप्त किया जा सकता है लेकिन जिस व्यक्ति ने चरित्र का बल प्राप्त कर लिया उसका जीवन सार्थक हो जाता है।

भगवान को प्राप्त करना है तो अपने अंदर करुणा रूपी बेचैनी को बढ़ाओ, जहां पर अहंकार होता है वह लंका होती है और जहां मर्यादा व संस्कार होते है वह अयोध्या होती है, अपनत्व का भाव रखना ही संसार का सबसे बड़ा रिश्ता है ।

जिस घर में आपस में बेर रखते है वहां प्रेम नहीं झलक सकता। हम रामा दल के लोग हैं हमारा कर्तव्य हमारे धर्म के नियमों का पालन करना और रक्षा करना है जीवन में बैठक बहुत महत्व रखती है अगर आप संत सत्संग भक्ति मार्ग की बैठक बैठेंगे तो यह बैठक आपके बैकुंठ तक को सुधार देगी, श्रीमद् भागवत कथा का मुख्य लक्ष्य परमात्मा से हमको जोड़ना होता है छोटी-छोटी पगडंडियों के रास्ते से जैसे कि भजन भाव दया धर्म कर्म से ।

हम ईश्वर को प्राप्त कर सकते हैं ,जिस प्रकार हम हमारी जमीन में खेती करते हैं इस प्रकार हमारे जीवन में भी खेती करना चाहिए अगर आपके परिवार में अच्छाई सच्चाई संस्कार की खेती होगी तो पूरे परिवार की फसल सुधर जाएगी,संतों की सत्संग भागवत पुराण भजन भाव पर आश्रित अगर हम होने लगेंगे तो हमारे जीवन की आशाएं जागृत होने लगेगी

इस अवसर पर मुख्य रूप से अनोखी लाल खंडेलवाल, मेहरवान सिंह मुंडीखेड़ी,डॉ मनोज नागर, शोभाल सिंह मुलगी, सोनू गुणवान,बंटी मेवाड़ा, चेतन सिंह ठाकुर, राजा मेवाड़ा, चेतन वर्मा, मीडिया प्रभारी जुगल पटेल, जीवन सिंह मंडलोई, नानूराम मेवाड़ा, जटाल सिंह, धीरप पटेल, डॉ मीना सिंगी,भगवती सोनी, , कैलाश बगाना,जगदीश चौहान, योगेंद्र सिंह ठाकुर, हरेंद्र सिंह ,लोकेंद्र सिंह सिसोदिया ,वीरेंद्र राठौड़ ,मधु सोनी ,अरविंद मेवाड़ा ,देवराज परमार ,संदीप राजपूत ,अर्जुन प्रजापति ,महेंद्र वर्मा ,राधेश्याम वर्मा के साथ सैकड़ों महिला पुरुष उपस्थित थे।

Leave a Comment