रिपोर्ट राजीव गुप्ता आष्टा जिला सीहोर एमपी

छूलो गगन के उस छोर को, तारों से भी आगे बढ़ते चलो—इस प्रेरक संदेश के साथ ब्रह्मा कुमारीज आष्टा के शांति सरोवर संस्थान में स्वामी विवेकानंद की जयंती को राष्ट्रीय युवा दिवस के रूप में मनाया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ
इस विशेष कार्यक्रम की शुरुआत भारतीय संस्कृति के अनुसार दीप प्रज्वलन और परमात्मा की याद से की गई। मुख्य अतिथियों में टैलेंट स्कूल के प्रिंसिपल सुदीप जायसवाल, उनकी पत्नी संध्या जायसवाल, फिटनेस क्लब के कोच और रिटायर्ड आर्मी सैनिक राकेश मेवाड़ा, अन्य शिक्षक, विद्यार्थी समूह और ब्रह्माकुमारी बहनें उपस्थित रहीं।

आध्यात्मिकता से जीवन में संतुलन
आष्टा केंद्र प्रभारी ब्रह्माकुमारी कुसुम दीदी ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा, “आध्यात्मिकता हमारे जीवन को संतुलित, समृद्ध और शांतिपूर्ण बनाती है। आज की युवा पीढ़ी के लिए आध्यात्मिकता एक नई दिशा और सकारात्मक ऊर्जा का स्रोत हो सकती है।

“संस्था की गतिविधियां और संदेश
ब्रह्माकुमारी शेफाली दीदी ने संस्था की गतिविधियों पर प्रकाश डालते हुए कहा, “परमात्मा हमारी अंतरात्मा की बैटरी चार्ज करते हैं। इसलिए दिन में कुछ समय उनके लिए अवश्य निकालें। यह हमें मानसिक और शारीरिक रूप से सशक्त बनाएगा।

“ब्रह्माकुमारी वंदना दीदी ने कहा कि आज के दौर में मानसिक स्वास्थ्य अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने बताया कि सोशल मीडिया और इंटरनेट के अत्यधिक उपयोग से मानसिक स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। यदि युवा इनका सीमित उपयोग करें तो उनके शैक्षणिक और व्यक्तिगत जीवन में सकारात्मक परिणाम आ सकते हैं।

युवाओं को प्रेरणा और दिशाटैलेंट स्कूल के प्रिंसिपल सुदीप जायसवाल ने ब्रह्मा कुमारी संस्थान की सराहना करते हुए कहा कि यहाँ का वातावरण और सकारात्मक ऊर्जा अद्भुत है। उन्होंने अपने विद्यार्थियों को माउंट आबू ले जाने की योजना भी व्यक्त की।फिटनेस कोच और रिटायर्ड आर्मी सैनिक राकेश मेवाड़ा ने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा, “अपने लक्ष्य को पाने के लिए मेहनत करें, हार न मानें, और हमेशा उम्मीद बनाए रखें। सफलता आपके कदम चूमेगी।

“आध्यात्मिकता का महत्व,,
यूथ कमेटी की ब्रह्माकुमारी नीलिमा दीदी ने स्वामी विवेकानंद के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा, “आध्यात्मिकता केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं है। यह हमारे विचारों, सोच और कार्यों को शुद्धता प्रदान करती है। इसे जीवन का हिस्सा बनाकर हम अपने जीवन को शांतिपूर्ण और प्रेरणादायक बना सकते हैं।”मेडिटेशन और अनुभव साझा करना

कार्यक्रम में ब्रह्माकुमारी शिल्पा दीदी ने बच्चों को गतिविधियां कराकर यह संदेश दिया कि कार्यक्रम से एक गुण अपने जीवन में अवश्य धारण करें। कार्यक्रम का समापन मेडिटेशन के माध्यम से परमात्मा की अनुभूति कराते हुए हुआ।इसके पश्चात युवाओं ने राष्ट्रगान गाया और अपने अनुभव साझा किए। अंत में मेहमानों को संस्था का मोमेंटो और लिटरेचर भेंट कर सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम की अंतिम पंक्तियाँ थीं:”छू लो गगन के उस छोर को,ऊंची उड़ाने भरते चलो,तारों से भी तुम आगे बढ़ते चलो।”

