इस कठिन आसन का रिकॉर्ड 4 मिनट 38 सेकंड का था, जिसे तोड़ते हुए अंकित वोहरा ने 31 मिनट 22 सेकंड तक सर्वांगासन में रहकर नया इतिहास रच दिया।
रिपोर्ट राजीव गुप्ता आष्टा जिला सीहोर एमपी
नगर के प्रतिष्ठित परिवार के युवा योग गुरु अंकित वोहरा ने अपनी असाधारण प्रतिभा और कठिन साधना से इंटरनेशनल योगा बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में स्थान प्राप्त कर सर्वांगासन में विश्व रिकॉर्ड बनाया है।इससे पहले इस कठिन आसन का रिकॉर्ड 4 मिनट 38 सेकंड का था, जिसे तोड़ते हुए अंकित वोहरा ने 31 मिनट 22 सेकंड तक सर्वांगासन में रहकर नया इतिहास रच दिया। इस अभूतपूर्व उपलब्धि के साथ उन्होंने न केवल स्वयं को बल्कि अपने परिवार, नगर और देश को भी गौरवान्वित किया है।
*अंकित वोहरा की साधना और कठिन परिश्रम*
अंकित वोहरा लगभग 4 वर्षों से योग के अभ्यास में समर्पित हैं। उनका मानना है कि योग केवल एक व्यायाम नहीं बल्कि मानसिक, शारीरिक और आध्यात्मिक उन्नति का माध्यम है। उन्होंने अपनी दिनचर्या में गहन योग साधना, प्राणायाम, ध्यान और संतुलित आहार को शामिल कर खुद को इस मुकाम तक पहुँचाया। उनकी यह उपलब्धि न केवल उनके कठिन परिश्रम का परिणाम है बल्कि योग की असीम संभावनाओं को भी दर्शाती है।
नगर में हर्ष का माहौल, लोगों ने किया भव्य स्वागत उनकी इस अद्वितीय उपलब्धि पर नगर में हर्षोल्लास का माहौल है। नगरवासियों ने उनके सम्मान में एक भव्य स्वागत समारोह का आयोजन किया, जहाँ विभिन्न संगठनों और गणमान्य व्यक्तियों ने उन्हें फूलमालाओं, शॉल और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया।इस अवसर पर नगर के गणमान्य नागरिकों में पूर्व नपाध्यक्ष, योग प्रेमी, शिक्षाविद्, व्यापारी एवं समाजसेवी उपस्थित रहे। सभी ने अंकित वोहरा को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। नगर के युवाओं के लिए यह एक प्रेरणादायक क्षण था, जिससे उनमें भी योग और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ी।देशभर से मिल रही बधाइयाँअंकित वोहरा की इस उपलब्धि की खबर सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रही है। देशभर के योग साधक, प्रशिक्षक और अनुयायी उन्हें बधाइयाँ दे रहे हैं। योग संस्थानों और विभिन्न संगठनों ने भी उनके इस योगदान को सराहा है।
अंकित वोहरा का संदेश:
“योग अपनाएँ, स्वस्थ जीवन जिएँ”अपनी इस ऐतिहासिक उपलब्धि के बाद अंकित वोहरा ने कहा,”योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि यह आत्मिक और मानसिक संतुलन का भी आधार है। मेरा सपना है कि ज्यादा से ज्यादा लोग योग को अपनी दिनचर्या में शामिल करें और स्वस्थ जीवन की ओर कदम बढ़ाएँ। यह उपलब्धि मेरे लिए गर्व का विषय है, और मैं चाहता हूँ कि मेरी सफलता से प्रेरित होकर युवा योग के प्रति और अधिक जागरूक हों।”भविष्य की योजनाएँअंकित वोहरा अब अपने योग कौशल को और भी निखारते हुए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर योग को बढ़ावा देने की दिशा में कार्य करने का संकल्प ले चुके हैं। वे आने वाले समय में योग से जुड़े और भी बड़े रिकॉर्ड बनाने और युवा पीढ़ी को योग के प्रति प्रेरित करने की दिशा में काम करेंगे।उनकी इस महान उपलब्धि से नगर ही नहीं, बल्कि समूचे देश को उन पर गर्व है। उनकी यह सफलता निश्चित रूप से आने वाली पीढ़ियों को योग की शक्ति से परिचित कराने में सहायक सिद्ध होगी।
