सरकारी स्कूलों की बदहाली: शिक्षक नहीं पहुंचे, स्कूल नहीं खुला — शिक्षा अधिकार कानून का खुला उल्लंघन

रिपोर्ट राजीव गुप्ता आष्टा जिला सीहोर एमपी

आष्टा ब्लॉक के दूर-दराज गांवों में स्थित सरकारी स्कूलों की बदहाली अब किसी से छिपी नहीं है। शिक्षा के अधिकार की बात करने वाली योजनाओं के बावजूद आज भी इन गांवों में स्कूली शिक्षा की स्थिति अत्यंत चिंताजनक बनी हुई है।

दिनांक 26.06.2025 को शासकीय प्राथमिक शाला निमावरा में एक शिक्षक पूरे दिन अनुपस्थित रहा, जिसके चलते विद्यार्थियों की पढ़ाई पूरी तरह से प्रभावित रही। वहीं दूसरी ओर शासकीय माध्यमिक शाला नानजीपुरा में तो स्थिति और भी शर्मनाक रही — यहां आज स्कूल का ताला ही नहीं खुला। परिणामस्वरूप, सभी छात्र-छात्राएं स्कूल परिसर में प्रवेश ही नहीं कर सके और गांव की गलियों में भटकते नजर आए।स्थानीय लोगों का कहना है कि स्कूल समय पर कभी नहीं खुलता, लेकिन समय से पहले जरूर बंद हो जाता है।

शिक्षक अक्सर देर से आते हैं और दोपहर होते ही घर जाने की जल्दी में होते हैं। इससे बच्चों की शिक्षा पर गहरा असर पड़ रहा है, खासकर उन गरीब व वंचित परिवारों के बच्चों पर जो केवल सरकारी स्कूलों पर ही निर्भर हैं।यह पूरा मामला शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE Act) का सीधा उल्लंघन है।

अब देखने वाली बात यह होगी कि जिम्मेदार अधिकारी इस गंभीर लापरवाही पर क्या कार्रवाई करते हैं। क्या वे इन दूरस्थ क्षेत्रों का दौरा कर वास्तविकता का आकलन करेंगे या फिर सरकारी स्कूलों की दुर्दशा यूं ही जारी रहेगी?जनता की मांग है कि दोषी शिक्षकों पर सख्त कार्रवाई की जाए और बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दिलाने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।

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