नगर में धर्म की त्रिवेणी बहेगी, 29 जुलाई से 3 अगस्त तक मानस भवन में आयोजन।
रिपोर्ट राजीव गुप्ता आष्टा जिला सीहोर एमपी

आष्टा।धर्ममयी नगरी आष्टा में चातुर्मास के पावन अवसर पर जहां विभिन्न संत महात्माओं के दर्शन एवं आशीर्वचन की श्रृंखला चल रही है, वहीं अब वैदिक सत्संग की अमृतधारा बहने जा रही है। 29 जुलाई से 3 अगस्त तक प्रतिदिन रात्रि 7:30 से 10:00 बजे तक विदुषी अंजलि आर्या (करनाल) के मुखारविंद से संगीतमय वैदिक सत्संग का आयोजन मानस भवन आष्टा में किया जाएगा।

यह आयोजन वेद प्रचार मंडल, आर्य समाज, श्रीराम मानस संस्कृति एवं समाज कल्याण समिति तथा शीतला माता मंदिर समिति के संयुक्त तत्वावधान में किया जा रहा है। आयोजन को भव्य रूप देने हेतु रविवार, 20 जुलाई को दोपहर 2:30 बजे मानस भवन में बैठक आयोजित की गई है जिसमें आयोजन की रूपरेखा तैयार की जाएगी ।

प्रतिदिन होगा यज्ञ, प्रेरणादायक सत्र व सैनिक सम्मान समारोहआयोजन की विशेषता यह है कि प्रतिदिन प्रातः 8:00 से 10:00 बजे तक नि:शुल्क यज्ञ संपन्न होगा, जिसमें सभी दंपत्तियों को आमंत्रित किया गया है। भाग लेने के इच्छुक यजमान मनोज सोनी काका के मोबाइल नंबर 98932 83540 पर संपर्क कर पंजीयन करा सकते हैं।
2 अगस्त शनिवार को प्रातः 10:00 से 12:00 बजे तक कक्षा 5वीं से ऊपर के छात्र-छात्राओं के लिए विशेष सत्र आयोजित किया जाएगा, जिसमें विदुषी अंजलि आर्या उन्हें उत्तम शिक्षा और चरित्र निर्माण हेतु प्रेरित करेंगी। इसके पश्चात सभी विद्यार्थियों को स्वल्पाहार भी प्रदान किया जाएगा।3 अगस्त को सैनिकों का होगा सम्मानधार्मिक कार्यक्रम के अंतिम दिन, 3 अगस्त रविवार को शाम 7:00 से 8:00 बजे तक सैनिक सम्मान समारोह आयोजित किया जाएगा। इसमें आष्टा विकासखंड क्षेत्र के सेवारत सैनिकों, वीरता पुरस्कार प्राप्त सैनिकों एवं शहीद सैनिकों के परिजनों का सम्मान किया जाएगा।

वैदिक धर्म और संस्कृति का दिव्य सत्संग आयोजन का मुख्य उद्देश्य वैदिक धर्म, मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम एवं योगेश्वर श्रीकृष्ण की संस्कृति का दिग्दर्शन कराना है, साथ ही स्वामी दयानंद सरस्वती द्वारा दिखाए गए मार्ग पर चलते हुए समाज को सही दिशा देना है। विदुषी अंजलि आर्या के प्रभावशाली एवं प्रेरणादायक वचनों से नगर में आध्यात्मिक चेतना की नई ऊर्जा संचारित होगी।

