पूर्व नपाध्यक्ष कैलाश परमार और गणमान्य नागरिक यज्ञ में शामिल हुए*
रिपोर्ट राजीव गुप्ता आष्टा जिला सीहोर एमपी
*वैदिक यज्ञ का सामाजिक और धार्मिक प्रभाव तो है ही यह हमारे पर्यावरणीय स्वास्थ्य और मनोवैज्ञानिक पहलुओं को भी लाभ देता है । यज्ञ के दौरान वेद मंत्रों के उच्चारण से उच्च कोटि की ध्वनि तरंगे सकारात्मक ऊर्जा पैदा करती है । हवन द्रव्य वातावरण को शुद्ध सुंगधित और स्वस्थ करते हैं । इससे बैक्टेरिया और वायरस की कमी होती है । आर्य समाज ने वैदिक यज्ञ को शुद्धि का समग्र साधन माना है । यह केवल धार्मिक क्रिया ही नही बल्कि दैनिक जीवन मे नियम पूर्वक की जाने वाली ऐसी पद्धति है जो हमारे सामाजिक , शारीरिक और मानसिक पर्यावरणीय विकास का आधार है। उक्त विचार विदुषी प्रवचन कर्त्ता सुश्री अंजलि आर्य ने नगर में चल रहे संगीतमय वैदिक सत्संग के दौरान नित्य चल रहे यज्ञ की महत्ता को बताते हुए व्यक्त किये ।

वेद प्रचार मण्डल एवम आर्य समाज द्वारा आयोजित वैदिक सत्संग में नगर के गणमान्य नागरिक भी शामिल हो रहे हैं ।पूर्व नपाध्यक्ष तथा प्रभु प्रेमी संघ के संयोजक कैलाश परमार ने भी साथियों के साथ यज्ञ में आहुति देते हुए नगर और समाज के कल्याण की प्रार्थना की । श्री परमार ने वैदिक सत्संग एवम यज्ञ के वैज्ञानिक स्वरूप का अनुमोदन करते हुए कहा कि धार्मिक आयोजनों का यही उद्देश्य होना चाहिए कि लोग इसके तार्किक और वैज्ञानिक स्वरूप से प्रेरित हो कर आडम्बर और कुरीतियों से दूर हो। विदुषी प्रवचनकार अंजलि आर्य जी ने अपने प्रखर विचारों से हम सभी को बहुत प्रभावित किया है ।

उनके प्रवचनों से सचमुच ही धार्मिक आध्यात्मिक और राष्ट्रीय चेतना को बल मिल रहा है । पूर्व नपाध्यक्ष ने पुष्प गुच्छ भेंट कर सुश्री अंजलि आर्य का स्वागत किया ।

आर्य समाजी तथा कार्यक्रम के समन्वयक मनोज सोनी काका ,आर्य समाज के स्थानीय प्रधान बाबूलाल आर्य , धरम सिंह आर्य ,राधा कृष्ण धारवां आदि ने कैलाश परमार ,प्रभुप्रेमी संघ के महासचिव प्रदीप प्रगति ,मुकेश ताम्रकार , हरिचरन वर्मा आदि का विदुषी प्रवचनकार से परिचय कराया । कार्यक्रम के आयोजकों ने सभी को यज्ञ में शामिल कराते हुए यज्ञ पुस्तिका भेंट की ।

