रिपोर्ट राजीव गुप्ता आष्टा जिला सीहोर मध्य प्रदेश
साभार नगर पुरोहित मनीष पाठक,दीपेश पाठक आष्टा

आष्टा: भारतीय संस्कृति में हिंदू धर्म के महापर्व दीपावली की बड़ी महत्वत्ता है।यह पर्व पूरे विश्व में बड़े ही धूमधाम के साथ मनाया जाता है।इस पर्व का प्रारंभ धनतेरस से होकर भाईदूज तक चलता है। इस वर्ष यह पर्व 18 अक्टूबर से 23 अक्टूबर तक होगा,जिसमे दीपावली का मुख्य महापर्व 20 अक्टूबर को मनाया जाएगा।

नगरपुरोहित पंडित मनीष पाठक ने बताया की धनतेरस का पर्व 18 अक्टूबर दिन शनिवार को मनाया जाएगा,इस दिन भगवान धनवंतरी अर्थात कुबेर की पूजा आराधना कर मां लक्ष्मी के मंगल आगमन की कामना की जाती है,और साथ ही इस दिन चांदी स्वर्ण के आभूषण,सिक्के,बर्तन आदि को घर में शुभ समय लाकर पंच दिवसीय पर्व का आरंभ करते है।

*धनतेरस*पांच दिवसीय महापर्व का पहले पर्व धनतेरस 18 अक्टूबर शनिवार कार्तिक कृष्ण पक्ष के तेरस तिथि को मनाया जाता है मान्यता है कि इस दिन आयुर्वेद के जन्मदाता भगवान धन्वंतरि धन व संपत्ति की देवी लक्ष्मी धन के देवता कुबेर मृत्यु के देवता यमराज और बुद्धि के देवता गणेश जी की पूजा होती है इस दिन स्वर्ण रजत आभूषण बर्तन सिक्के धनिया कपड़ा आदि को खरीदने की परंपरा है।

*नरक चतुर्दशी*19 अक्टूबर रविवार को रूप चतुर्दशी भी कहा जाता है इस दिन भगवान श्री कृष्ण ने नरकासुर का वध कर उसकी कैद में 16000 महिलाओं को मुक्त कराया था इस कारण दीप जलाकर उत्सव मनाया जाता है और इस दिन प्रातः काल में उबटन लगाकर स्नान आदि किया जाता है और सांध्यकालीन समय में अपने घरों पर दक्षिण दिशा की ओर मुख कर दीपकों को लगाते हैं।

*दीपावली*20 अक्टूबर सोमवार को पंच दिवसीय महापर्व दीपावली को अमावस्या के प्रदोष काल में मनाया जाता है यह मुख्य महापर्व होता है इस दिन मां लक्ष्मी की पूजा की जाती है और विभिन्न पकवान बनाकर मिठाइयां बांटी जाती है दीप प्रज्वलित कर घर आंगन में रांगोली बनाकर मां लक्ष्मी के आगमन हेतु घरों को सजाया जाता रंगबिरंगी रोशनी कर घरों को सजाया जाता है एक दूसरे से मिलकर परिवारजनों के साथ आनंदित स्वरूप में इस त्यौहार को मनाया जाता है।

*गोवर्धन पूजन*यहां पर्व कार्तिक शुक्ल प्रतिपदा अर्थात 22 अक्टूबर को गोवर्धन पूजा और अन्नकूट उत्सव के स्वरूप में मनाया जाता है इसे सुहाग पड़वा भी कहते हैं परिवारजनो के द्वारा गोवर्धन पर्वत की पूजा कर भगवान श्री कृष्ण को छप्पन भोग लगाए जाते हैं,इस दिन गोवर्धन की गोबर से आकृति बनाकर भगवान श्री कृष्ण के समझ दीपक जलाकर पूजन अर्चना की जाती है एंव पशुओं को स्नान कराकर पूजा कर गौ माता की आरती उतार उनकी परिक्रमा की जाती है।

*भाईदूज*यह पर्व कार्तिक शुक्ल दूज अर्थात गोवर्धन पूजा के अगले दिन मनाया जाता है। इसे यम द्वितीया भी कहते हैं इस दिन बहनें अपने भाईयो को दीर्घायु की कामना कर तिलक लगाकर आरती करती है और अपने हाथों से बनाए भोजन को ग्रहण कराती है।मान्यता है कि इस दिन मृत्यु के देवता यमराज और उनकी बहन यमुना का पूजन किया जाता है।ताकि भाई के जीवन पर अकाल मृत्यु का भय न रहे।

*दीपोत्सव पर्व पर शुभ मुहूर्त* पंडित डॉ दीपेश पाठक ने बताया की पंच दिवसीय दीपोत्सव के महापर्व को इन शुभ समय पर संपन्न कर स्थिर लक्ष्मी प्राप्त कर समृद्धि प्राप्त कर सकते है।
*धनतेरस शुभ मुहूर्त*शुभ:प्रातः 07:49 से 09:14 तकचर,लाभ,अमृत:दोपहर 12:06 से 04:23 तक लाभ:संध्या 05:48 से 07:23 तकशुभ,अमृत,चर:08:57 से मध्यरात्रि01:40 तक
*रूप चौदस शुभ मुहूर्त*चर,लाभ,अमृत:प्रातः07:49 से 12:05शुभ:दोपहर 01:31 से 02:56शुभ,अमृत,चर:संध्या 05:47 से रात्रि 10:31
*दीपावली शुभ मुहूर्त*अमृत:प्रातः06:24 से 07:49शुभ:प्रातः09:15 से 10:40तकचर,लाभ,अमृत चर:दोपहर01:31से रात्रि 7:21 तक
लाभ:रात्रि 10:31 से मध्यरात्रि 12:06स्थिर लग्नवृश्चिक लग्न प्रातः 08:35से 10:54कुंभ लग्न:02:41से 04:09वृषभ लग्न:संध्या 07:09 से 09:05सिंह लग्न:रात्रि01:41से 03:58प्रदोष काल:संध्या 05:54 से 8:20 तक
*गोवर्धन पूजा मुहूर्त*लाभ,अमृत:06:25 से 09:15शुभ:10:40 से 12:05 तकचर,लाभ:दोपहर 02:55 से 05:45 तक
*भाईदूज पूजा मुहूर्त*शुभ:प्रातः06:26 से 07:51चर,लाभ,अमृत:प्रातः 10:40 से दोपहर 02:54 तकशुभ,अमृत,चर,:शाम:04:19 से रात्रि 08:54🌷🌷🌷
🌷🌷🌷 पंडित मयूर पाठक, पंडित मनीष पाठकपंडित डॉ दीपेश पाठक एवं समस्त नगर पुरोहित परिवार आष्टा9893382678, 9827598975,9993416246🙏🙏🙏🙏🙏🙏


