जैन आगम में व्यक्ति नहीं व्यक्तित्व की पूजा अर्चना होती है — मुनिश्री निष्काम सागर महाराज
स्वीकार करने की हिम्मत और सुधारने की नियत हो तो इंसान देवता हो जाए – मुनि श्री विनंद सागर। आष्टा।जैन आगम में व्यक्ति नहीं व्यक्तित्व के गुणों की पूजा, वंदना, भक्ति के लिए निर्देशित किया गया है। आचार्य भगवंत विद्यासागर महाराज ने हमारी दीक्षा के पश्चात कहा कि आप सभी को आज प्रवचन देना है, … Read more