*कृष्ण भक्ति में लीन हो व्यसनमुक्त जीवन जिये। स्वामीनारायण सम्प्रदाय के साधु नगर में पधारे।

रिपोर्ट राजीव गुप्ता आष्टा जिला सीहोर एमपी

भारतीय संस्कृति में नामकरण के पीछे भी अध्यात्म और श्रद्धा का ध्यान रखा जाता है । दिवंगत जमना बाई सचमुच ही पुण्य सलिला यमुना के भांति ही होगी जिन्होंने कृष्ण भक्ति और स्वामीनारायण सम्प्रदाय की शिक्षाओं को आत्मसात कर परिवार को धर्मानुरागी और आत्मनिर्भर बनाया । उनके देहावसान से निश्चित ही उनकी कमी अनुभव में आएगी परन्तु एक मां के रूप में उनके दिए हुए संस्कारों को आगे बढ़ाना ही सभी परिजनों का कर्त्तव्य होना चाहिए । यही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी । स्वामी नारायण सम्प्रदाय व्यसन मुक्त जीवन और वैष्णव भक्ति धर्म के लिए जाना जाता है । शाकाहार और संयम ही इसके अनुयायियों की पहचान है ।

सभी लोग भक्ति मार्ग पर चल कर जीवन को सफल बनायें ।नगर में पधारे स्वामी नारायण सम्प्रदाय के साधु विमलसेवा दास स्वामी तथा साधु निर्माण चरित्र स्वामी ने यह उद्गार कुशवाह समाज के अग्रणी भक्तिलाल कुशवाह की दिवंगत पत्नी श्रीमती जमना बाई कुशवाह को श्रद्धांजलि स्वरूप कही ।पूर्व नपाध्यक्ष कैलाश परमार पार्वती धाम गौशाला के अध्यक्ष पूर्व पार्षद नरेंद्र कुशवाह मानस भवन समिति के अध्यक्ष सत्यनारायण कामरिया , शीतला माता मन्दिर समिति के अध्यक्ष दिनेश सोनी , दुलीचन्द कुशवाह , कन्हैयालाल शर्मा सहित दिवंगत के पुत्रगण पूर्व पटेल किशोरी कुशवाह , हंसराज कुशवाह जगदीश तथा विनोद कुशवाह ने उनकी अगवानी की ।

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