मध्य प्रदेश वेयरहाउस अनार्स एसोसिएशन आष्टा द्वारा अनुविभागीय अधिकारी राजस्व के ज्ञापन सौंपा।

सोयाबीन में अधिक सुखत आने के कारण गोदाम संचालकों के द्वारा खरीदी करने से इंकार

रिपोर्ट राजीव गुप्ता आष्टा जिला सीहोर एमपी

एक क्विंटल में पांच से 6 किलो कम हो जाता है सोयाबीनसरकार तौलकर लेगी तो लाखों रू. भुगतेंगे गोदाम संचालक,शासन ने सुखत हुए अनाज के लिए कोई नीति स्पष्ट नहीं की है। गोदाम वाले तभी मल भरेंगे जब शासन अपनी नीति स्पस्ट करेगा।गेंहू की तरह अब सोयाबीन की खरीदी भी समर्थन मूल्य पर होगी । खरीदी शुरू होने से पहले गोदाम संचालक सरकार द्वारा खरीदी गई उपज को अपने गोदामों में नहीं रखना चाहते। क्योंकि सोयाबीन की उपज खरीदते समय गीली रहती है, सुखने के बाद 1 क्विंटल पर 5 किलो की कमी आती है, जो संचालकों को ही भुगतना होेगी। ऐसे में संचालक सरकार को गोदाम देने के मूढ़ में नहीं है।

समर्थन मूल्य पर पहली बार शुरू होने जा रही सोयाबीन की खरीदी पर नया संकट पैदा हो गया है। जिले के केन्द्रों पर अभी पंजीयन प्रक्रिया ही चल रही है इधर निजी गोदाम संचालक म.प्र. स्टेट वेयर हाउसिंग कार्पोरेषन के कार्यालय के चक्कर लगा रहे हैं। चक्कर लगाने का कारण गोदाम किराए से देना नहीं बल्कि सोयाबीन खरीदी के बाद उसके भंडारण के समय उपज के वजन में आने वाली कमी है।

गोदाम संचालकों के अनुसार वर्तमान में सरकार सोयाबीन तो खरीद लेगी और हमारे गोदामों में उसका भंडारण भी हो जाएगा। लेकिन या 4 या 6 महीने बाद जब सरकार उसे वापस लेगी तो सूख जाएगी और उसका वजन प्रति क्विंटल 5 से 6 किलो तक कम हो जाएगा। जिसकी वसूली सरकार गोदाम संचालकों से करेगी।ज्ञापन देने वालो में अध्यक्ष अनारसिंह ठाकुर,उपाध्यक्ष नारायण सिंह मुकाती,सचिव धरम सिंह पटेल के साथ सभी सदस्य शामिल थे।

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