रिपोर्ट राजीव गुप्ता आष्टा जिला सीहोर एमपी


मूक पशुओं की पीड़ा को समझकर उनकी सेवा करना वास्तव में एक महान सेवा कार्य है। मनुष्य के पास संवेदनशीलता, सोचने की क्षमता और बौद्धिक योग्यता है, लेकिन मूक पशु न तो अपनी बात कह सकते हैं और न ही अपनी पीड़ा व्यक्त कर सकते हैं। ऐसे में हमारा दायित्व है कि हम उनके प्रति संवेदनशील रहें और उनकी सेवा करें।

योगेश मान सिंह कुशवाहा
कुशवाहा समाज के प्रदेश अध्यक्ष, ने स्थानीय मां पार्वती धाम गौशाला के निरीक्षण के दौरान यह विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि हमारे धर्मशास्त्रों और वेदों में गौ सेवा को ईश्वरीय भक्ति के समान माना गया है, लेकिन वर्तमान में गायों की स्थिति चिंताजनक है। जब गाय या गोवंश हमारे उपयोग के लायक नहीं रहता, तो हम उन्हें सड़कों पर छोड़ देते हैं। यह सोच बदलने की जरूरत है। हमें गौ माता और गोवंश की रक्षा के लिए संवेदनशील होकर काम करना होगा।

उन्होंने आष्टा के सामाजिक संगठनों की सराहना की, जो गौ सेवा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य कर रहे हैं। विशेष रूप से मां पार्वती धाम गौशाला के कार्यों को उन्होंने उल्लेखनीय बताया। गौशाला के अध्यक्ष नरेंद्र कुशवाहा और उनकी टीम द्वारा किए जा रहे कार्यों की प्रशंसा की गई।



