आष्टा – बांग्लादेश में चिन्मय प्रभु की गिरफ्तारी के विरोध में इस्कॉन ने एसडीएम को सौंपा ज्ञापन

रिपोर्ट राजीव गुप्ता आष्टा जिला सीहोर एमपी

आष्टा। अंतर्राष्ट्रीय कृष्ण भावनामृत संघ (इस्कॉन) के प्रभु श्री चिन्मय कृष्ण दास ब्रह्मचारी की बांग्लादेश में हुई गिरफ्तारी के विरोध में आष्टा इस्कॉन के भक्तों ने स्थानीय एसडीएम स्वाति मिश्रा को ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन की प्रतियां माननीय राष्ट्रपति, महामहिम राज्यपाल और विदेश मंत्रालय को भी भेजी गईं।

*ज्ञापन की मुख्य मांगें

1. श्री चिन्मय कृष्ण दास ब्रह्मचारी की सुरक्षित रिहाई सुनिश्चित करना।

2. बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर हो रहे अत्याचार को अंतरराष्ट्रीय मंच पर उठाना।

3. अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों को इस मामले से अवगत कराना।

*इस्कॉन की भूमिका:*

इस्कॉन, 1966 में स्थापित एक अंतर्राष्ट्रीय संस्था है, जो 100 से अधिक देशों में 600 से अधिक केंद्रों के माध्यम से वैदिक संस्कृति, भक्ति और शांति का प्रचार-प्रसार करती है। संस्था द्वारा लाखों लोगों को निःशुल्क भोजन प्रसाद वितरित किया जाता है और यह धार्मिक सहिष्णुता व सांस्कृतिक सहयोग को बढ़ावा देती है।

*प्रभु की गिरफ्तारी का कारण:*

श्री चिन्मय कृष्ण दास ब्रह्मचारी ने बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर हो रहे अत्याचारों के खिलाफ आवाज उठाई थी, जिसके चलते उनकी गिरफ्तारी की गई।

*ज्ञापन सौंपने वाले प्रमुख सदस्य*

:संदीप सोनी, अनिल भाटी, सुशील बुधवंत, संतोष राठौर और धीरज शर्मा।यह ज्ञापन भारत सरकार से इस मामले में त्वरित और प्रभावी कार्रवाई की मांग करता है।

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