रामनवमी पर नगर हुआ भक्तिमय, राम मंदिर बुधवारा में हुआ मुख्य आयोजन,भजन संध्या में गूंजे रामनाम के भजन, दोपहर 12 बजे मनाया गया राम जन्मोत्सव

प्रसिद्ध भजन गायक राजेंद्र जायसवाल व उनकी टीम ने एक से बढ़कर एक राम भजनों की प्रस्तुति दी। ‘राम आएंगे तो अंगना सजाएंगे,, जैसे भजनों पर श्रद्धालु झूम उठे।

रिपोर्ट राजीव गुप्ता आष्टा जिला सीहोर एमपी

चैत्र नवरात्रि के पावन अवसर पर रविवार को नगर में रामनवमी का पर्व पूरे श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ मनाया गया। प्राचीन राम मंदिर बुधवारा में मुख्य समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें नगरवासियों ने बड़ी संख्या में भाग लिया। मंदिर परिसर व आसपास के क्षेत्र को भव्य रूप से सजाया गया था। रंग-बिरंगी झालरों, फूलों और दीपों से मंदिर को सजाकर आस्था और आनंद का वातावरण निर्मित किया गया।समारोह की शुरुआत प्रात:काल से ही पूजा-अर्चना और पाठ से हुई।

श्रद्धालुओं ने नौ दिनों तक चलने वाले नवरात्रि व्रत के समापन पर रामनवमी के दिन विशेष पूजन किया। मंदिर में सुबह से ही श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। विशेष रूप से सजाए गए गर्भगृह में भगवान श्रीराम, लक्ष्मण, सीता व हनुमानजी की आकर्षक झांकी सजाई गई, जिसे देखने श्रद्धालु उमड़ पड़े।दोपहर 12 बजे भगवान श्रीराम का जन्मोत्सव बड़े धूमधाम के साथ मनाया गया।

पंडित गोपाल उपाध्याय ने महा आरती संपन्न की जैसे ही आरती का समापन हुआ, मंदिर परिसर ‘जय श्रीराम’ के नारों से गूंज उठा। पुजारियों द्वारा विधिवत पूजन के बाद भगवान श्रीराम का प्रतीकात्मक जन्म समारोह मनाया गया। इस अवसर पर विशेष आरती में अध्यक्ष भुरू भट्ट,बल्लू मालवीय,मनोज ताम्रकार एवं समिति सदस्यों द्वारा मुख्य अतिथि विधायक श्री गोपाल सिंह इंजीनियर,नगर पालिका अध्यक्ष प्रतिनिधि राय सिंह मेवाडा, अनोखीलाल खंडेलवाल एवं अन्य जनप्रतिनिधियों का स्वागत किया।

इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।समारोह में भजन संध्या ने माहौल को विशेष रूप से भक्तिमय बना दिया। प्रसिद्ध भजन गायक राजेंद्र जायसवाल व उनकी टीम ने एक से बढ़कर एक राम भजनों की प्रस्तुति दी। ‘राम नाम की लूट है, लूट सके तो लूट’, ‘सिया राम मय सब जग जानी’ जैसे भजनों पर श्रद्धालु झूम उठे। संगीत व भक्ति के इस संगम ने जनमानस को भावविभोर कर दिया।

मंदिर समिति द्वारा श्रद्धालुओं के लिए प्रसाद, जलपान व बैठने की उचित व्यवस्था की गई थी। नगर प्रशासन की ओर से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। रामनवमी पर्व को लेकर नगर में कई स्थानों पर भी सजावट व झांकियों का आयोजन हुआ,

जिससे पूरा नगर राममय हो गया।रामनवमी के इस पर्व ने न केवल धार्मिक भावना को प्रबल किया, बल्कि सामाजिक एकता और समरसता का भी संदेश दिया। श्रद्धालुओं ने कहा कि ऐसे आयोजन समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं।

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