गांव की महिलाओं ने आष्टा मुख्य कार्यपालन अधिकारी से निवेदन हे ऐसी रूम से निकल कर क्षेत्र की समस्याओं को भी देखे ।
जल गंगा संवर्धन अभियान को अनदेखी की रहे अधिकारी
रिपोर्ट राजीव गुप्ता आष्टा जिला सीहोर एमपी

सीहोर जिले की जनपद पंचायत आष्टा के अंतर्गत ग्राम पंचायत कुरली कला के ग्राम नाजीपुरा में पीने के पानी की गंभीर समस्या सामने आई है। ग्रामीणों, विशेष रूप से महिलाओं ने पीने के पानी की कमी को लेकर गहरी चिंता जताई है।
गांव का एकमात्र सहारा – कुआं – अभी भी अधूरा पड़ा है, जिसका गहरीकरण अब तक नहीं किया गया है।महिलाएं प्रतिदिन दूर-दराज से पानी लाने को मजबूर हैं और गर्मी के इस मौसम में पानी की मांग और भी बढ़ गई है। ऐसे में अधूरे कुएं का मुद्दा और गंभीर हो गया है। आज बड़ी संख्या में महिलाएं कुएं के पास इकट्ठा हुईं और सवाल किया कि आखिर कब होगा इस कुएं का गहरीकरण?

गांव की महिलाओं ने आष्टा मुख्य कार्यपालन अधिकारी से निवेदन हे ऐसी रूम से निकल कर क्षेत्र की समस्याओं को भी देखे ।जिला जनपद अधिकारी से से मांग की है कि जल्द से जल्द इस अधूरे कार्य को पूर्ण कराया जाए, जिससे उन्हें पानी की समस्या से राहत मिल सके।स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार अधिकारियों को इस समस्या से अवगत कराया जा चुका है, लेकिन अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।

सवाल यह उठता है कि क्या जनपद में बैठे अधिकारियों को गांव की यह मूलभूत समस्या दिखाई नहीं देती?ग्रामीणों की यही मांग है कि इस बार केवल आश्वासन नहीं, बल्कि जल्द से जल्द कार्यवाही हो ताकि उन्हें इस बुनियादी सुविधा के लिए जूझना न पड़े।हाल ही में जिला पंचायत सीईओ ने की आष्टा जनपद में संचालित योजनाओं, विकास कार्यों एवं जल गंगा संवर्धन अभियान की समीक्षा की थी।

प्रगति कम पाए जाने पर 05 उपयंत्रियों एवं 09 ग्राम पंचायतों के सचिवों को कारण बताओ नोटिस जारी किए थे। वर्षा ऋतु से पहले ही पूर्ण करा लिया जाए खेत तालाब एवं कूप रिचार्ज का कार्य –

जिला पंचायत सीईओ बैठक जिला पंचायत सीईओ डॉ नेहा जैन ने निर्देश दिए थे कि जल गंगा संवर्धन अभियान की समीक्षा के दौरान उन्होंने अभियान के तहत लक्ष्य अनुसार खेत तालाब, डगवेल रिचार्ज, पोखर निर्माण सहित अन्य निर्माण कार्यों एवं गतिविधियों की प्रगति बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि खेत तालाब एवं कूप रिचार्ज के कार्यों को वर्षा ऋतु से पहले ही पूर्ण करा लिया जाए ताकि वर्षा जल का संग्रहण एवं संरक्षण हो सके।उक्त निर्देशों के बाद भी जनपद पंचायत आष्टा की चुप्पी क्या बयां कर रहे है यह जिला पंचायत अधिकारी को संज्ञान लेना है।
