तृतीय दिवस पर कथा व्यास पंडित कन्हैया लाल शर्मा ने भगवान विष्णु के अनन्य भक्त ध्रुव की अडिग श्रद्धा, कठोर तपस्या, भक्त प्रहलाद का चरित्र, नरसिंह अवतार, 24 अवतारों का विस्तार से बताया
रिपोर्ट राजीव गुप्ता आष्टा जिला सीहोर एमपी

आष्टा।विगत 20 वर्षों से भगवान जगन्नाथ जी की रथयात्रा महोत्सव के अंतर्गत अलीपुर स्थित जगदीश मंदिर से प्रारंभ होकर भगवान का आगमन आनन्द धाम, बुधवारा स्थित मौसी के घर होता आ रहा है। परंपरा के अनुरूप इस वर्ष भी भगवान जगन्नाथ जी अपनी रथयात्रा के साथ मौसी के घर आनंद धाम पधारे। भगवान के स्वागत में पूरे क्षेत्र में धार्मिक उल्लास एवं श्रद्धा का वातावरण व्याप्त रहा।धर्माधिकारी पंडित गजेंद्र शास्त्री ने बताया कि भगवान के आगमन उपरांत प्रतिवर्ष की भांति इस बार भी संगीतमय श्रीमद् भागवत महापुराण कथा का आयोजन किया गया है।

भागवत कथा का आयोजन 28 जून से 4 जुलाई तक प्रतिदिन दोपहर 2:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक किया जा रहा है।आज कथा के तृतीय दिवस पर कथा व्यास पंडित कन्हैया लाल शर्मा ने भगवान विष्णु के अनन्य भक्त ध्रुव की अडिग श्रद्धा, कठोर तपस्या, भक्त प्रहलाद का चरित्र, नरसिंह अवतार, 24 अवतारों का विस्तार, सृष्टि की उत्पत्ति का वर्णन, नवधा भक्ति तथा सुखदेव जी एवं राजा परीक्षित के मिलन जैसे विषयों पर भावपूर्ण एवं मार्मिक शैली में प्रकाश डाला। उपस्थित भक्तों ने कथा श्रवण करते हुए भावविभोर वातावरण का अनुभव किया।

कथा में भाग लेने वाले श्रद्धालुओं में प्रमुख रूप से मोहन मेवाड़ा, क्षमा मेडम, राधेश्याम नायक, राधा महेन्द्र शर्मा, मुकेश ताम्रकार, गजेंद्र शर्मा, शिव श्री वादी, ज्ञान सिंह मेवाड़ा, पंडित भवानी शंकर शर्मा, उमा चंद्रशेखर शर्मा, चंचु ताम्रकार, मेघा मुन मुन, गोपाल सोनी, देव शर्मा, बृजमोहन सोनी, दीपेश भूतिया, किशोर तिवारी, माधुरी ज्ञानेंद्र मुदगल सहित महिला मंडल एवं सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।पंडित भवानी शंकर शर्मा परिवार की ओर से सभी भागवत प्रेमियों एवं श्रद्धालुओं से अनुरोध किया गया है कि वे सपरिवार कथा श्रवण हेतु पधारें और इस पुण्य अवसर का लाभ लें।

