विद्यार्थियों ने जाना गुरू शिष्य परंपरा का महत्व

आष्टा।नगर के सांदीपनि शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय आष्टा में लोक शिक्षण संचालनालय म.प्र. भोपाल के निर्देशानुसार गुरुवार 10 जुलाई को गुरू पूर्णिमा महोत्सव का भव्य आयोजन किया गया। यह दो दिवसीय कार्यक्रम 09 से 10 जुलाई तक आयोजित किया गया, जिसमें विद्यार्थियों को पारंपरिक गुरुकुल संस्कृति, गुरू शिष्य परंपरा और गुरूजनों के योगदान की जानकारी दी गई।

कार्यक्रम का शुभारंभ राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त सेवानिवृत्त शिक्षक पं. संतोष शर्मा, सेवानिवृत्त शिक्षक पं. दामोदरदास शर्मा, आईडीबीआई बैंक शाखा प्रबंधक शाहिद हफीज खान तथा विद्यालय प्राचार्य सितवत खान ने दीप प्रज्वलित कर तथा माँ सरस्वती व गुरुओं के समक्ष वंदना कर किया।प्राचार्य श्री खान ने अतिथियों का पुष्पमाला पहनाकर स्वागत किया और कहा कि “गुरू समाज में नैतिकता, आदर्श और शांति के संरक्षक होते हैं। वर्तमान वैज्ञानिक युग में जहां व्यक्ति सुविधाओं में भी असंतुष्ट है, वहां गुरू के मार्गदर्शन की महती आवश्यकता है।”पं. संतोष शर्मा ने विद्यार्थियों से गुरूजनों के बताए मार्ग पर चलने का आह्वान करते हुए कहा कि “गुरू पूर्णिमा का पर्व हमें विनम्रता, आभार और जीवनपर्यंत सीखने की प्रेरणा देता है।

”पं. दामोदरदास शर्मा ने इसे भारतीय संस्कृति की आत्मा बताते हुए कहा, “यह दिन केवल एक पर्व नहीं, बल्कि गुरुओं के प्रति श्रद्धा और कृतज्ञता का प्रतीक है।”शिक्षक अंत्येश धारवां ने कहा कि “प्राचीन काल से ही गुरुओं का समाज में महत्वपूर्ण स्थान रहा है और आज भी गुरुओं की आवश्यकता बनी हुई है।”इस अवसर पर निबंध प्रतियोगिता का आयोजन भी हुआ, जिसका विषय था:“प्राचीनकाल की गुरूकुल व्यवस्था एवं उसका भारतीय संस्कृति में प्रभाव”जिसमें आनंद चन्द्रवंशी ने प्रथम, लक्ष्मी सोलंकी ने द्वितीय और पियुष मेंवाड़ा ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। सभी प्रतिभागियों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।कार्यक्रम का संचालन अंत्येश धारवां और सतीश वर्मा द्वारा किया गया।

इस अवसर पर विद्यालय के समस्त शिक्षक एवं कर्मचारी — असमा खानम, सम्राट ढोके, पदमा परमार, पवन राया, निहायत मंसूरी, रघुवीर सिंह, राखी पोहाने, जितेन्द्र धनवाल, भूपेन्द्र सिंह, धर्मेन्द्र मेवाड़ा, नवीन मौर्य, मोनिका जैन, नेहा अंसारी, मनोज करमोदिया, डॉ. दीक्षा खंडेलवाल, मो. इमरान, अभिलाषा श्रीवादी, तेजपाल सिंह, स्मिता नायर, हरिनारायण सिंह, संदीप जायसवाल, पवित्रा कुराड़िया, आराधना चन्द्रवंशी, प्रकाश यादव, दीपक डावर, पूजा असाड़े, कृतिका वर्मा, आशा रावत, जसपाल सिंह, राजेन्द्र मौर्य, हेमंत मेवाड़ा, लक्ष्मी परमार, ज्ञान सिंह मेवाड़ा, कमलेश वर्मा, डी.एस. मांडवा, आदि — की गरिमामयी उपस्थिति रही।कार्यक्रम ने विद्यार्थियों में गुरुओं के प्रति सम्मान, कृतज्ञता और समर्पण की भावना को और प्रबल किया।

