मंदिर में विराजित भगवान श्री राधा कृष्ण, श्री विश्वकर्मा जी, श्री बलदेव भगवान का दिव्य श्रृंगार किया गया।
रिपोर्ट राजीव गुप्ता आष्टा जिला सीहोर एमपी
आष्टा। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पावन पर्व विश्वकर्मा समाज आष्टा द्वारा अत्यंत हर्षोल्लास और श्रद्धा के साथ मनाया गया। यह आयोजन श्री विश्वकर्मा राधाकृष्ण मंदिर बुधवारा आष्टा में किया गया।

मंदिर में विराजित भगवान श्री राधा कृष्ण, श्री विश्वकर्मा जी, श्री बलदेव भगवान का दिव्य श्रृंगार किया गया। साथ ही लड्डू गोपाल जी का भी विशेष श्रृंगार कर उनका विधि विधान से अभिषेक किया गया। श्रद्धा और भक्ति से परिपूर्ण इस अनुष्ठान में भगवान लड्डू गोपाल को पालने में विराजित किया जिनका श्रद्धालुओं ने झूला झुलाते हुए दर्शन किया। मंदिर प्रांगण की भी साज सज्जा की गई।

**भजन संध्या में श्रद्धालुजन जमकर झूमे*
*रात्रि 8 बजे से श्री विश्वकर्मा आदर्श मानस मंडल आष्टा द्वारा भजनों की संगीतमय प्रस्तुति दी गई। भजनों की मधुर ध्वनि से पूरा मंदिर परिसर गूंज उठा और श्रद्धालुजन भक्ति रस में डूब गए।

इस अवसर पर विशेष रूप से छोटे-छोटे बच्चों ने राधा-कृष्ण के रूप में सजधज कर भजनों पर नृत्य किया, जिसने सभी का मन मोह लिया।**श्रीकृष्ण जन्म होते ही जयकारे के साथ गूंजा
“नन्द घर आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की “**रात्रि 12 बजे भगवान श्रीकृष्ण के जन्म होते ही मंदिर परिसर में “नन्द घर आनंद भयो, जय कन्हैयालाल की” के जयकारों से गूंज उठा।

भगवान के जन्म के इस पवित्र क्षण को सभी ने अत्यंत आनंद और भक्ति के साथ मनाया। इसके बाद महाआरती का आयोजन किया गया, जिसमें सभी श्रद्धालुओं ने जयकारे लगाते हुए भगवान के आगमन पर आनंद पूर्वक स्वागत किया। महाआरती के पश्चात सभी श्रद्धालुओं को प्रसादी वितरित की गई। इस अवसर पर समाज की कार्यसमिति के सभी सदस्य, महिलाएं और अन्य श्रद्धालुजन बड़ी संख्या में उपस्थित थे। विश्वकर्मा समाज समिति द्वारा सभी का आभार व्यक्त किया और जन्मोत्सव की शुभकामनाएं दीं।

