इस वर्ष 28 अक्टूबर शरद पूर्णिमा पर चंद्र ग्रहण करेगा राशियों को प्रभावित

रिपोर्ट राजीव गुप्ता आष्टा जिला सीहोर मध्य प्रदेश

इस बार 28अक्टूबर को शरदपूर्णिमा पर चंद्रग्रहण लगने जा रहा है। नगरपुरोहित पं मनीष पाठक एवं डॉ दीपेश पाठक ने बताया कि यह चंद्रग्रहण कई राशियों को भी प्रभावित करेगा। चंद्रग्रहण के कारण भगवान को खीर का भोग नही लग पाएगा और मंदिरों के पट भी बंद रहेंगे।

*यह होगा ग्रहणकाल*

ज्योतिषाचार्य डा दीपेश पाठक के अनुसार चांद प्रत्येक वर्ष में एक बार शरद पूर्णिमा की रात्रि को अपनी 16 कलाओं से परिपूर्ण होकर उदित होता है, लेकिन इस बार शरद पूर्णिमा की रात्रि को खंडग्रास चंद्र ग्रहण होने से चंद्र दर्शन नहीं हो सकेंगे और ना ही रात भर चंद्रमा की 16 कलाओं से युक्त खीर का स्वाद चखने को मिलेगा। उन्होंने बताया कि यह ग्रहण अश्वनी नक्षत्र एवं मेष राशि में घटित होगा। इस ग्रहण का सूतक दोपहर दिन में 4 बजकर 05 मिनट से प्रारंभ होगा। वहीं भारतीय समय अनुसार छाया प्रवेश रात्रि में 11:32 तथा स्पर्श काल रात्रि 1:05 पर, मध्य रात्रि 1:44 और मोक्ष 2:23 पर होगा।

*चंद्रमा की पूजा करें या नहीं*

 *चंद्रमा की पूजा करें या नहीं* नगरपुरोहित पं मनीष पाठक ने बताया की शरद पूर्णिमा के दिन चंद्र ग्रहण का सूतक काल दोपहर 04:05 बजे से लग रहा है। ऐसे में ना तो चांद के दर्शन कर सकते हैं और ना ही पूजा. शरद पूर्णिमा के दिन मां लक्ष्मी और चंद्रमा की पूजा करते हैं जिससे घर में धन-धान्य की वृद्धि होती है और घर में सुख समृद्धि बनी रहती है. लेकिन इस साल चंद्र ग्रहण के कारण आप ना तो पूजा कर सकते हैं और ना ही चांद के दर्शन. माता लक्ष्मी की कृपा पाना चाहते हैं तो आप सूतक से पहले माता लक्ष्मी की पूजा करें और फिर ग्रहण खत्म होने के बाद चंद्र पूजा करें. 

*कब करें लक्ष्मी पूजा?*

नगरपुरोहीत पं. मनीष पाठक के अनुसार, शरद पूर्णिमा की रात लक्ष्मी पूजा की परंपरा है, लेकिन सूतक शुरू होने के बाद किसी भी तरह की पूजा करना नहीं करनी चाहिए। ऐसी स्थिति में आप चंद्र ग्रहण का सूतक काल शुरू होने से पहले ही यानी दोपहर 4.05 बजे से पहले ही पूजा-पाठ कर सकते हैं। सूतक व ग्रहण काल के दौरान मंत्र जाप किया जा सकता है।

*चंद्रमा की रोशनी में रखी खीर खाएं या नहीं?*

शरद पूर्णिमा पर चंद्रमा की रोशनी में खीर बनाने और खाने की परंपरा है, लेकिन चंद्र ग्रहण के सूतक काल के कारण इस बार ऐसा करना ठीक नहीं रहेगा। इस स्थिति में 28 अक्टूबर की रात चंद्र ग्रहण समाप्त होने के बाद यानी रात 02.24 के बाद खीर बनाने और खाने की परंपरा निभाई जा सकती है। *चंद्र ग्रहण के सूतक काल के दौरान क्या करें?* 28 अक्टूबर को चंद्र ग्रहण का सूतक काल दोपहर 4.05 से शुरू हो जाएगा, जो रात 02.24 तक रहेगा। इस दौरान न तो भोजन पकाएं, न भोजन करें। सूतक काल में सोना भी नहीं चाहिए, भगवान की पूजा भी न करें, मंत्र जाप कर सकते हैं। स्त्री संग न करें। मन में बुरे विचार न लाएं*

राशियों पर ग्रहण का प्रभाव:-*

यह ग्रहण मेष, वृषभ, कन्या, मकर राशि के लिए अशुभ रहेगा। ग्रहण सिंह, तुला, धनु, मीन राशि के लिए सामान्य रहेगा। साथ ही मिथुन, कर्क, वृश्चिक, कुंभ राशि के लिए शुभ व सुखद रहेगा। जिन राशि वालों को ग्रहण अशुभ फल देगा, उन्हें ग्रहण का दर्शन नहीं करना चाहिए।

*यहां देखा जा सकेगा ग्रहण:-*

यह ग्रहण भारत, अफ्रीका, ऑस्ट्रेलिया, यूरोप, रूस, चीन, जापान, पाकिस्तान, श्रीलंका, इंडोनेशिया, इराक, ईरान, अफगानिस्तान, सऊदी अरब, हिंद महासागर में दिखाई देगा।

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